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उत्तराखंड में फिर कुदरत का कहर! बादल फटा, पुल बहा, नदियां खतरे के पार…
उत्तराखंड में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। चमोली जिले के मोपाटा में बादल फटने से तबाही मच गई, दो लोग लापता हो गए और कई मवेशी व गौशालाएं मलबे में दब गईं। वहीं केदारघाटी के लवारा गांव में पुल बह गया है, जिससे छेनागाड़ क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जिससे कई घर डूब गए और प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। हालात इतने गंभीर हैं कि हनुमान मंदिर तक नदी में समा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत-बचाव कार्यों की निगरानी खुद शुरू कर दी है। उधर, लगातार भारी बारिश से कई जिलों—रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार और पिथौरागढ़—में आज स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। लोगों में 2013 की त्रासदी जैसी दहशत है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और बचाव दल पूरी तरह मुस्तैद हैं।