पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के एक मैच में अजीब घटना हुई। खराब क्वालिटी वाली जर्सी का रंग उतरने से सफेद गेंद लाल हो गई। यह तब हुआ जब खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए अपनी जर्सी पर रगड़ रहे थे, जिससे जर्सी की गुणवत्ता पर सवाल उठे।
लाहौर: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के शुरू होते ही पहले दिन एक अजीबोगरीब घटना देखने को मिली। इस घटना के बाद मैच में इस्तेमाल हुई जर्सी और गेंद की खराब क्वालिटी को लेकर फैंस ने चर्चा शुरू कर दी है। लाहौर कलंदर्स और हैदराबाद किंग्समेन के बीच पहले मैच में इस्तेमाल हुई सफेद गेंद, खेल शुरू होने के कुछ ही देर बाद लाल हो गई। इस घटना ने खिलाड़ियों और फैंस को हैरान कर दिया।
पाकिस्तान सुपर लीग में अजब-गजब वाकया
यह मैच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हो रहा था। खेल शुरू होने के कुछ ही ओवर बाद, गेंद का रंग धीरे-धीरे बदलने लगा। सफेद गेंद को लाल होता देख हैदराबाद टीम के कप्तान मार्नस लाबुशेन फौरन अंपायर के पास गए। लाबुशेन ने बताया, "दूसरे ओवर के ठीक बाद मैं अंपायर के पास गया और पूछा, 'यह क्या हो रहा है? गेंद लाल क्यों हो गई है?' मैंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में ऐसा कुछ नहीं देखा है।"
गेंद ने रंग क्यों बदला?
बाद में, गेंद के रंग बदलने के पीछे का राज खुला। दरअसल, हैदराबाद किंग्समेन के खिलाड़ियों ने जो मैरून रंग की जर्सी पहनी थी, उसी का रंग गेंद पर चढ़ गया था। जब खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए अपनी जर्सी पर रगड़ रहे थे, तो जर्सी का रंग गेंद पर लग गया। लाबुशेन ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने बल्ले का पेंट या पैड का रंग गेंद पर लगते हुए तो देखा है। लेकिन यह पहली बार है जब मैं कपड़े से रंग को गेंद पर चढ़ते हुए देख रहा हूं।"
जर्सी की खराब क्वालिटी के साथ-साथ, PSL में लागू किया गया एक नया नियम भी फैंस के बीच खूब चर्चा बटोर रहा है। उपमहाद्वीप में रात के मैचों के दौरान पड़ने वाली ओस टॉस जीतने वाली टीम को बहुत फायदा पहुंचाती है। इसे रोकने के लिए, हर टीम को टॉस से पहले दो अलग-अलग टीमों की लिस्ट सौंपने की इजाजत दी गई है। टॉस का नतीजा आने के बाद, कप्तान अपनी जरूरत के हिसाब से प्लेइंग इलेवन चुन सकते हैं। यह नया नियम इसलिए लाया गया है ताकि ओस की वजह से गेंद गीली होने पर गेंदबाजों को जो नुकसान होता है, उसे कम किया जा सके।


