Lucknow Sehri Iftar Time Today जानें 24 और 25 फरवरी 2026 को लखनऊ में सहरी और इफ्तार का सही समय क्या है। रमजान 2026 रोजा टाइमिंग, सुन्नी-शिया सहरी-इफ्तार अपडेट समेत डिटेल पढ़ें।

Lucknow Sehri Iftar Time Today: रमजान 2026 के पवित्र महीने में लखनऊ समेत पूरे देश के मुसलमान इबादत और रोजे में व्यस्त हैं। इस महीने में रोजेदार सुबह सहरी से पहले भोजन कर रोजा शुरू करते हैं और शाम को मगरीब की अजान के साथ रोजा खोलते हैं। इसलिए हर दिन का Lucknow Sehri Iftar Time जानना जरूरी है, क्योंकि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर के अनुसार बदलता रहता है। अगर आप लखनऊ में रह रहे हैं और Ramadan 2026 Lucknow Timing खोज रहे हैं, तो यहां 24 और 25 फरवरी 2026 के सहरी और इफ्तार का पूरा अपडेट पढ़ें

Lucknow Iftar Time Today 24 February 2026: लखनऊ में आज सहरी और इफ्तार का समय

रमजान कैलेंडर 2026 के अनुसार, सुन्नी समुदाय और शिया समुदाय के लिए सोमवार, 24 फरवरी 2026 का सहरी और इफ्तार टाइम इस प्रकार है-

  • सहरी (Sehri Time Lucknow): सुबह 05:17 बजे
  • इफ्तार (Iftar Time Lucknow Today): शाम 06:05 बजे

शिया समुदाय के लिए सहरी और इफ्तार का समय सुन्नी समय से थोड़ा अलग होता है-

  • Jafria सहरी (Sehri Time Lucknow): सुबह 05:07 बजे
  • Jafria इफ्तार (Iftar Time Lucknow Today): शाम 06:15 बजे

शाम होते ही सूरज के डूबने के साथ मगरीब की अजान होगी और रोजेदार खजूर और पानी से रोजा खोलेंगे। यह परंपरा सुन्नत मानी जाती है और रोजेदार के लिए आध्यात्मिक महत्व रखती है।

Lucknow Sehri Iftar Time 25 February 2026: : लखनऊ में आज सहरी और इफ्तार का सही समय

मंगलवार, 25 फरवरी 2026 के रोजे का समय लखनऊ में इस तरह रहेगा-

  • सुन्नी समुदाय सहरी का समय: सुबह 05:16 बजे
  • सुन्नी समुदाय इफ्तार का समय: शाम 6:06 बजे
  • शिया समुदाय सहरी का समय: सुबह 05:06 बजे
  • शिया समुदाय इफ्तार का समय: शाम 06:16 बजे

रोजेदारों को चाहिए कि वे सहरी का भोजन फज्र से पहले खत्म कर लें, ताकि रोजा सही समय पर शुरू हो सके।

सहरी और इफ्तार का धार्मिक महत्व क्या है?

रमजान केवल भूखे रहने का महीना नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, सब्र और अल्लाह की इबादत का समय है। सहरी पूरे दिन की ऊर्जा और ताकत का स्रोत है तो इफ्तार पूरे दिन के सब्र और इबादत का इनाम माना जाता है। रोजा इंसान को अपने नफ्स पर काबू रखना सिखाता है और जरूरतमंदों की तकलीफ को महसूस करने का अवसर देता है।