अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले का आदेश दिया है। इसका असली मकसद ईरान का 400 किलो यूरेनियम भंडार जब्त करना है। इस खतरनाक मिशन के लिए अमेरिकी सेना ने पूरी योजना बना ली है, जिसमें रेडिएशन लीक का भी बड़ा खतरा है।
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वो 2-3 हफ्तों में ईरान पर हमला करके युद्ध रोक देंगे। अब इस बयान के पीछे की एक चौंकाने वाली वजह सामने आई है। कहा जा रहा है कि ट्रंप का असली मकसद ईरान का यूरेनियम भंडार जब्त करना है। वॉशिंगटन पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से एक सनसनीखेज रिपोर्ट छापी है। इसके मुताबिक, ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हजारों सैनिकों को ईरान में घुसने और वहां रखा करीब 400 किलो खतरनाक यूरेनियम जब्त करने का आदेश दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन का पूरा खाका तैयार कर लिया है। इसमें बताया गया है कि ईरान ने यूरेनियम कहां छिपा रखा है, उस पर जमीनी हमला कैसे होगा, अगर ईरान ने पलटवार किया तो उससे कैसे निपटा जाएगा, और यूरेनियम को कैसे कब्जे में लिया जाएगा। किसी भी गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए बैकअप प्लान भी तैयार हैं। कहा जा रहा है कि ट्रंप ने इस पूरे प्लान को हरी झंडी दे दी है। अगर ऐसा कोई ऑपरेशन होता है, तो यह दुनिया के सबसे रोमांचक, साहसी और खतरनाक मिशनों में से एक होगा।
रेडिएशन लीक का खतरा
इस मिशन में एक बड़ा खतरा रेडिएशन लीक का भी है। अगर सैनिक यूरेनियम जब्त नहीं कर पाए और उसे नष्ट करने की कोशिश की, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। यूरेनियम को गैस के रूप में बड़े-बड़े टैंकों में रखा गया है। अगर ये लीक हुआ तो हवा में मिल जाएगा। इससे निकलने वाला रेडिएशन सैकड़ों किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों की सेहत पर बहुत बुरा और लंबे समय तक असर डालेगा। यह सामूहिक मौतों की वजह भी बन सकता है।
खतरनाक ऑपरेशन
जमीनी हमला करना भी आसान नहीं होगा। ईरान ने अपना यूरेनियम इस्फ़हान, नतान्ज़ और फ़ोर्डो जैसी जगहों पर रखा है। अकेले इस्फ़हान में ऑपरेशन करने के लिए कम से कम 1,000 सैनिकों की ज़रूरत पड़ेगी। उन्हें सुरंगों तक पहुंचने के लिए खास उपकरण भी ले जाने होंगे। और अगर यूरेनियम मिल भी गया, तो उसे अमेरिका तक ले जाना अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती होगी।
यूरेनियम जब्त करने का मकसद क्या है?
ईरान हमेशा कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम हथियार बनाने के लिए नहीं है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का कहना है कि ईरान के पास 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60% तक शुद्ध किया जा चुका है। एजेंसी के मुताबिक, अगर इसे 90% तक शुद्ध कर लिया जाए तो इससे 10 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं।
मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे कराज ब्रिज पर भीषण हमला
इस बीच, मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे पुल, तेहरान के पास मौजूद कराज ब्रिज पर भी अमेरिका और इज़राइल ने एक बड़ा हमला किया है। 136 मीटर ऊंचे इस B1 ब्रिज पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस पर ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया, अब यह कभी इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। ऐसे कई और हमले होंगे।' उन्होंने ईरान को चेतावनी भी दी, ‘बहुत देर होने से पहले ईरान के लिए समझौता करने का यह सही समय है।’


