रूस ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने जहाजों के लिए निर्बाध आवाजाही का दावा किया है। यह खुलासा तब हुआ जब अन्य देशों के लगभग 2000 जहाज वहां फंसे हुए हैं। यह ईरान के साथ रूस की गहरी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

मॉस्को: दुनिया के व्यापार की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में रूस ने एक बड़ा दावा किया है। रूस का कहना है कि जब ज्यादातर देशों के लिए यह रास्ता बंद है, तब भी उसके जहाजों को यहां से गुजरने की पूरी आजादी है। यह चौंकाने वाली जानकारी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खास सलाहकार यूरी उशाकोव ने दी। उन्होंने साफ कहा कि रूसी जहाजों पर कोई पाबंदी नहीं है, जबकि दूसरे देशों के जहाज यहां से नहीं निकल पा रहे हैं। यह खबर रूस की सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट की है।

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (International Maritime Organization) के आंकड़ों के मुताबिक, इस वक्त करीब 2000 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। युद्ध जैसे हालात की वजह से इस इलाके में जहाजों की आवाजाही बहुत मुश्किल हो गई है। अभी तक सिर्फ ईरान, चीन, भारत और पाकिस्तान से जुड़े कुछ ही जहाज इस रास्ते से निकल पाए हैं। ऐसे में रूस का यह नया खुलासा पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।

उशाकोव का यह बयान रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर हुई बातचीत के ठीक बाद आया है। रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में चल रही चर्चा पर विस्तार से बात की। इन नए घटनाक्रमों से साफ है कि खाड़ी क्षेत्र में ईरान के साथ रूस की गहरी दोस्ती उसे एक बड़ी रणनीतिक बढ़त दिला रही है।