US-Israel-Iran Airstrikes: ईरान का 136 मीटर ऊंचा करज B1 पुल अचानक ढह गया! अमेरिका और इज़राइल के हमलों में धुआं-धुंध और तबाही का मंजर, घायल नागरिक और ट्रंप की धमकी-"अभी और भी बहुत कुछ होने वाला है!" क्या यह मध्य पूर्व में नए युद्ध का इशारा है? क्या ईरान अब समझौता करेगा या और हमले होंगे?

B1 Karaj Bridge collapse: ईरान का सबसे ऊंचा पुल, जो अभी बन ही रहा था और तेहरान को पश्चिमी शहर करज से जोड़ने वाला था, आंशिक रूप से ढह गया है। इस पुल की ऊंचाई 136 मीटर थी और इसे मध्य पूर्व की इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना माना जा रहा था। लेकिन अमेरिकी और इज़राइली हवाई हमलों ने इस पुल को आंशिक रूप से तबाह कर दिया।

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हमले का सटीक समय और वजह क्या थी?

सरकारी टीवी के मुताबिक, अमेरिका और इज़राइल ने इस पुल को निशाना बनाया। पहले हमले में दो आम नागरिकों की जान चली गई। इसके बाद, जब आपातकालीन टीमें पीड़ितों की मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचीं, तो दूसरा हमला हुआ। फुटेज में दिख रहा है कि पुल ढह रहा है और भारी धुआं उठ रहा है। इस हमले ने न सिर्फ करज शहर को हिला दिया, बल्कि पूरी दुनिया में सस्पेंस और डर फैला दिया है।

ट्रंप ने क्यों किया बड़ा दावा?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना के तुरंत बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर हमले के विज़ुअल्स साझा किए। उन्होंने लिखा, "ईरान का सबसे बड़ा पुल करज अब ढह गया है, अब इसका इस्तेमाल कभी नहीं हो पाएगा - अभी और भी बहुत कुछ होने वाला है!" ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान को समझौता करना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। इसके पहले ही दिन उन्होंने अमेरिका-इज़राइल युद्ध में जीत का दावा किया और कहा कि तेहरान की सैन्य ताकत तबाह हो चुकी है।

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क्या यह हमला सिर्फ करज पुल पर ही था?

ट्रंप ने पूरे दिन ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़राइल युद्ध में जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने तेहरान की सैन्य ताकत को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है और 'मुख्य रणनीतिक लक्ष्य पूरे होने के करीब हैं'। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 2-3 हफ्तों में अमेरिका ईरान पर 'बेहद ज़ोरदार' हमले करेगा और ईरान के पावर प्लांट को भी निशाना बनाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारे दुश्मन हार रहे हैं और अमेरिका जीत रहा है। पहले के पांच सालों से अमेरिका जीतता आया है, और अब इससे भी बड़ी जीत हासिल हो रही है।"

करज पुल क्यों था खास?

यह पुल सिर्फ एक सड़क का हिस्सा नहीं था। 136 मीटर ऊँचा यह पुल मध्य पूर्व की इंजीनियरिंग का प्रतीक माना जाता था। इसका निर्माण पूरी तरह आधुनिक तकनीक से हो रहा था और यह तेहरान को पश्चिमी शहर करज से जोड़कर ट्रैफिक और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला था।

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मध्य पूर्व की स्थिति क्या है?

इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर ईरान और अमेरिका/इज़राइल के बीच यह टकराव बढ़ा, तो यह पूरे मध्य पूर्व के लिए गंभीर संकट बन सकता है। पुल टूटने और हमलों के दौरान कई लोग घायल हुए हैं। आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर लगातार मदद कर रही हैं। स्थानीय नागरिकों में भी डर और असमंजस की स्थिति है।