मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के महूगांव में 85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। नानाजी देशमुख पर्यटक स्थल का उद्घाटन, नए अस्पताल की घोषणा और महूगांव को नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा की।
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर जिले की महू विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण और प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा का अनावरण किया और 4.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित नानाजी देशमुख पर्यटक स्थल का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने 38 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महू का शुभारंभ किया। इसके साथ ही एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रशेखर आजाद सरोवर (काकड़पुरा तालाब) पार्क एवं घाट का लोकार्पण कर क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
महूगांव नगर परिषद बनेगी नगर पालिका, 100 बिस्तरों के अस्पताल की घोषणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में तेज गति से विकास हो रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास के माध्यम से मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने महूगांव के लिए 100 बिस्तरों वाले नए अस्पताल के निर्माण की घोषणा की। साथ ही महूगांव नगर परिषद को नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनजातीय नायक टंट्या मामा के सम्मान में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया और भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के निर्णय की जानकारी दी।
राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के आदर्शों को किया नमन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन के महान प्रेरक थे। उन्होंने अपना जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन को समर्पित किया। नानाजी देशमुख का विश्वास था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव मजबूत होंगे, तभी देश मजबूत बनेगा। उनके विकास मॉडल आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
महू क्षेत्र: ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि महू क्षेत्र ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली है। पास ही जानापाव पर्वत भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।
महू क्षेत्र क्रांतिसूर्य टंट्या मामा की कर्मभूमि भी रहा है। इस कारण यह पूरा क्षेत्र तीर्थ स्थल जैसा महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि आज महू और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। उद्योग, कॉलेज, स्कूल और अन्य विकास कार्यों को देखकर गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए बधाई दी और कहा कि आत्मरक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है।


