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बिना चुनाव लड़े बने ईरान के सबसे ताकतवर शख्स! कौन हैं मुजतबा खामेनेई, जिन्हें ट्रंप की मर्जी बिना चुना गया सुप्रीम लीडर?
Iran New Supreme Leader: ईरान में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। अमेरिका की धमकियों के बावजूद अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। आज सोमवार को ईरान के एक सरकारी टीवी पर इसका ऐलान हुआ।

मुजतबा खामेनेई कौन हैं?
मुजतबा खामेनेई ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) के बेटे हैं। उनका जन्म 8 सितंबर 1969 को ईरान के मशहद शहर में हुआ था। वे लंबे समय से ईरान की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े रहे हैं, लेकिन आम राजनीति में बहुत कम दिखाई दिए। यही वजह है कि कई लोग उन्हें एक लो-प्रोफाइल लेकिन प्रभावशाली शख्स मानते हैं। मुजतबा ने कभी चुनाव नहीं लड़ा और न ही किसी बड़े सरकारी पद पर रहे, फिर भी अब वे देश के सबसे ताकतवर पद पर पहुंच गए हैं।
ईरान में पिता के बाद बेटे के हाथ में सत्ता
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का लंबे समय तक देश की राजनीति पर प्रभाव रहा। वे 1989 से इस पद पर थे। इससे पहले वे ईरान के राष्ट्रपति भी रह चुके थे। हाल ही में उनकी मौत के बाद सत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। आखिरकार उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया। इससे ईरान की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो गया है।
ईरान में सुप्रीम लीडर का पत क्यों खास है?
ईरान में सुप्रीम लीडर का पद बेहद शक्तिशाली माना जाता है। इस पद के पास कई अहम अधिकार होते हैं। सर्वोच्च नेता के हाथ सेना और सुरक्षा एजेंसियों पर कंट्रोल, बड़े राजनीतिक फैसलों में फाइनल डिसीजन, न्याय व्यवस्था पर प्रभाव, विदेश नीति पर भी अहम भूमिका होती है। मतलब यह पद सिर्फ सरकार ही नहीं बल्कि सेना, न्याय व्यवस्था और बड़े फैसलों पर भी असर डालता है। ऐसे में मुजतबा खामेनेई का इस पद तक पहुंचना दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है।
ईरान में सुप्रीम लीडर कैसे बनता है?
ईरान के कानून के अनुसार सुप्रीम लीडर बनने के लिए व्यक्ति का धार्मिक नेता होना जरूरी होता है। यानी यह पद सिर्फ राजनीति से नहीं बल्कि धार्मिक नेतृत्व से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस पद का चुनाव एक खास प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
अमेरिका और इजराइल की धमकियां नजरअंदाज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इससे पहले कहा था कि ईरान उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुन सकता। वहीं, इजराइल की तरफ से भी कड़ी बयानबाजी सामने आई थी। इसके बाद ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि ईरान का भविष्य किसी बाहरी ताकत से नहीं बल्कि देश की जनता तय करेगी।
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