Lucknow 1090 Chauraha Flyover: लखनऊ के 1090 चौराहा और समतामूलक चौक पर ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए 2.02 किमी लंबा 4 लेन फ्लाईओवर बनने जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर योजना के तीसरे चरण में करीब 570 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य है।
लखनऊ शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल 1090 चौराहा और समतामूलक चौक पर अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है। पीक आवर्स में यहां से गुजरना कई बार लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। अब शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। ग्रीन कॉरिडोर योजना के तीसरे चरण के तहत बैकुंठधाम से ला मार्टिनियर बॉयज स्कूल तक बनने वाले 4 लेन फ्लाईओवर को अंतिम मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के लिए स्मारकों और पार्कों की देखरेख करने वाली प्रबंध समिति ने जरूरी एनओसी जारी कर दी है। इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
2 किलोमीटर लंबा होगा फ्लाईओवर
प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई करीब 2.02 किलोमीटर होगी और इसे चार लेन का बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 570 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2028 तक रखा गया है। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के प्रबंधक ए.के. सेंगर के अनुसार यह फ्लाईओवर 1090 चौराहे के ठीक ऊपर से नहीं गुजरेगा, बल्कि उसके पास से होकर निकलेगा। इससे चौराहे की मौजूदा संरचना पर कोई असर नहीं पड़ेगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम हो जाएगा।
तीन महीने में पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया
इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया अगले तीन महीने में पूरी किए जाने की योजना है। फ्लाईओवर का रूट 1090 चौराहे के पास स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर गोमती पार्क और गोमती विहार के कई हिस्सों से होकर गुजरेगा। चूंकि यह इलाका स्मारकों और पार्कों के पास आता है, इसलिए यहां निर्माण से पहले प्रबंध समिति से अनुमति लेना जरूरी था। 20 फरवरी को प्रमुख सचिव आवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को विस्तार से प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद कुछ शर्तों के साथ एनओसी दे दी गई।
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पार्कों की मूर्तियों और हरियाली को नहीं होगा नुकसान
बैठक में यह भी तय किया गया कि फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान पार्कों में लगी मूर्तियों और अन्य संरचनाओं को किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा पार्कों की हरियाली और सौंदर्य को भी सुरक्षित रखा जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अपने खर्च पर निर्माण के बाद पार्कों की हरियाली और मूल स्वरूप को बहाल करेगा। जिन क्षेत्रों में निर्माण होगा, वहां जमीन का स्वामित्व भी नहीं बदलेगा।
जाम से मिलेगी राहत, समय की होगी बचत
अभी 1090 चौराहा, समतामूलक चौक, कालीदास मार्ग और विक्रमादित्य मार्ग जैसे इलाकों में पीक टाइम के दौरान लंबा जाम लग जाता है। नए फ्लाईओवर के बनने के बाद इस समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है। यह फ्लाईओवर बनने के बाद आईआईएम रोड से गोमती नगर, शहीद पथ, इकाना स्टेडियम, एयरपोर्ट और अयोध्या रोड की ओर जाने वाले लोगों का सफर ज्यादा आसान हो जाएगा। अनुमान है कि यात्रियों के समय में 10 से 20 मिनट तक की बचत हो सकती है।
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का अहम हिस्सा
गोमती नदी के किनारे विकसित की जा रही ग्रीन कॉरिडोर परियोजना लखनऊ की सबसे बड़ी कनेक्टिविटी योजनाओं में से एक मानी जा रही है। इस परियोजना के तहत नदी के दोनों किनारों पर करीब 28 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री मार्ग विकसित किया जा रहा है।
ग्रीन कॉरिडोर के पहले चरण में आईआईएम रोड से पक्का पुल तक का काम पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण में निशातगंज और अन्य हिस्सों में निर्माण तेजी से चल रहा है। तीसरे चरण में बनने वाला यह फ्लाईओवर इस पूरी परियोजना की अहम कड़ी माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इसके पूरा होने के बाद लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम से काफी राहत मिलेगी।
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