पैकेजिंग महंगी होने से शराब और कोल्ड ड्रिंक्स के दाम बढ़ सकते हैं। बोतल, कैन और ढक्कन का खर्च 30-40% बढ़ने से पेय पदार्थों की कीमतों में 6-7% की बढ़ोतरी हो सकती है। यह फैसला गर्मियों में उपभोक्ताओं पर असर डालेगा।

गर्मियां तेज़ हो रही हैं और इसी के साथ शराब और कोल्ड ड्रिंक्स के शौकीनों के लिए एक बुरी खबर है। इन चीज़ों के दाम बढ़ सकते हैं। वजह है इनकी पैकेजिंग का महंगा होना। बाज़ार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में ड्रिंक्स की कीमतों में 6 से 7 परसेंट तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

बोतल-ढक्कन सब हुए महंगे!

ड्रिंक्स को पैक करने वाली बोतलों और कैन को बनाने का खर्च 30 से 40 परसेंट तक बढ़ गया है। यही वजह है कि कंपनियां दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इसके मुख्य कारण ये हैं:

कांच की बोतलें: शराब की 80% पैकेजिंग कांच की बोतलों में होती है। इनकी कीमत 8 से 12 परसेंट तक बढ़ गई है।

बीयर के कैन: बीयर के लिए इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम अलॉय कैन सिर्फ मार्च महीने में ही 8 परसेंट महंगे हो गए।

प्लास्टिक की बोतलें: कोल्ड ड्रिंक्स में इस्तेमाल होने वाली PET बोतलों की कीमत पिछले महीने 40 परसेंट तक उछल गई।

ढक्कन: बोतलों के ढक्कन बनाने में इस्तेमाल होने वाला पॉलीप्रोपाइलीन भी 30 परसेंट से ज़्यादा महंगा हो गया है।

इसके अलावा, माल ढुलाई यानी ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी 10 परसेंट बढ़ गया है, जो कंपनियों पर एक और बोझ डाल रहा है।

कंपनियों पर बाज़ार की नज़र

कीमतें बढ़ने की आशंका के बीच बाज़ार की नज़र यूनाइटेड स्पिरिट्स, यूनाइटेड ब्रुअरीज, अलाइड ब्लेंडर्स, वरुण बेवरेजेज और रेडिको खेतान जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों पर टिकी हुई है।

दाम कैसे बढ़ेंगे?

कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कंपनियां तो बाज़ार के हिसाब से सीधे दाम बढ़ा सकती हैं। लेकिन शराब कंपनियों को दाम बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों से मंज़ूरी लेनी पड़ती है। पैकेजिंग का बढ़ता खर्च अब कंपनियों के लिए सिरदर्द बन गया है। इसलिए कई बेवरेज एसोसिएशन दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। गर्मियों में जब बीयर और सोडा की मांग सबसे ज़्यादा होती है, उस वक्त कीमतों में यह बढ़ोतरी आम आदमी की जेब पर भारी पड़ेगी, यह तय है।