गोरखपुर में डोमिनगढ़ फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का सीएम योगी ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जुलाई 2026 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। इन परियोजनाओं से ट्रैफिक, कनेक्टिविटी और बाढ़ राहत में बड़ा सुधार होगा।

गोरखपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। सड़क, पुल और कनेक्टिविटी को लेकर सरकार अब समयसीमा से आगे जाकर काम पूरा करने की कोशिश में है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने गुरुवार को डोमिनगढ़ क्षेत्र में चल रही बड़ी परियोजनाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को साफ संदेश दिया, काम में तेजी लाओ और जनता को जल्द राहत दो।

फोरलेन सड़क और ROB का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री योगी ने डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक बन रही फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में निर्माणाधीन रेल उपरिगामी पुल (ROB) का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा, डोमिनगढ़, कोलिया और गाहासाढ़ होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक बनने वाली सड़क परियोजना की भी समीक्षा की। सीएम ने इन परियोजनाओं को गोरखपुर के लिए “गेम चेंजर” बताते हुए कहा कि इससे न सिर्फ ट्रैफिक आसान होगा, बल्कि बाढ़ से बचाव में भी मदद मिलेगी।

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अधिकारियों को सख्त निर्देश: समय से पहले पूरा करें काम

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि-

  • निर्माण कार्य में और तेजी लाई जाए
  • तय समयसीमा से पहले परियोजना पूरी की जाए
  • गुणवत्ता से कोई समझौता न हो

उन्होंने खासतौर पर कहा कि सितंबर 2026 की डेडलाइन को घटाकर जुलाई 2026 तक काम पूरा किया जाए।

महेसरा क्षेत्र को मिलेगा नया लुक

सीएम योगी ने नगर निगम को भी जिम्मेदारी देते हुए कहा कि महेसरा तक बनने वाले फोरलेन के अंतिम छोर को आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि वहां मौजूद वाटर बॉडी के आसपास पड़े कचरे को हटाकर उसे ईको पार्क की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है, जिससे शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी और लोगों को नया पब्लिक स्पेस मिलेगा।

गोरखपुर में बन रही विकास की नई श्रृंखला

डोमिनगढ़ चौकी के पास लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में अब विकास की एक नई श्रृंखला तैयार हो रही है। उन्होंने बताया कि-

  1. फोरलेन सड़क बनने से घुनघुनकोठा, जगतबेला और आसपास के इलाकों को राहत मिलेगी
  2. रेल उपरिगामी पुल बनने से जाम की समस्या कम होगी
  3. तटबंध मजबूत होने से बाढ़ से भी सुरक्षा बढ़ेगी

शहर के बाहर मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नई फोरलेन सड़क बनने के बाद-

  • यात्रियों को शहर के अंदर घुसने की जरूरत कम होगी
  • राजघाट और टीपीनगर से सीधे बाहरी मार्गों से कनेक्टिविटी मिलेगी
  • महेसरा होते हुए सोनौली मार्ग तक पहुंचना आसान हो जाएगा

इससे नेपाल बॉर्डर की ओर जाने वाले ट्रैफिक को भी बड़ी राहत मिलेगी।

परियोजनाओं का पूरा विवरण

1. डोमिनगढ़-महेसरा फोरलेन सड़क

  • लंबाई: 10.2 किमी
  • लागत: ₹379.54 करोड़
  • डेडलाइन: सितंबर 2026 (सीएम ने जुलाई 2026 का लक्ष्य दिया)

2. हाबर्ट बंधा से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग

  • लंबाई: 4.07 किमी
  • लागत: ₹195.21 करोड़
  • प्रगति: 75% से अधिक कार्य पूरा
  • लक्ष्य: मई 2026

3. डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल (ROB)

  • लंबाई: 755 मीटर
  • लागत: ₹132.60 करोड़
  • डेडलाइन: दिसंबर 2027

इस पुल के बन जाने से टीपीनगर, कालेसर और सोनौली मार्ग की कनेक्टिविटी काफी आसान हो जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

क्यों अहम हैं ये परियोजनाएं?

  • गोरखपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी
  • नेपाल कनेक्टिविटी मजबूत होगी
  • बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध मजबूत होंगे
  • स्थानीय व्यापार और आवाजाही को गति मिलेगी

गोरखपुर में चल रही ये परियोजनाएं सिर्फ सड़क और पुल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली को बदलने की क्षमता रखती हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या तय समयसीमा से पहले ये काम पूरा हो पाता है या नहीं, क्योंकि जनता को इसका सीधा फायदा मिलने वाला है।

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