मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर बन रहे घाटों का निरीक्षण किया। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए टॉयलेट, चेंजिंग रूम, सुविधा केंद्र और बेहतर पहुंच मार्ग बनाने के निर्देश दिए।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सभी जरूरी सुविधाएं समय पर और बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयार हो रहे घाट
मुख्यमंत्री ने श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के बीच निर्माणाधीन घाटों का भी अवलोकन किया। ये घाट खास तौर पर आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान और अन्य धार्मिक गतिविधियों में सुविधा मिल सके।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के निर्देश
मुख्यमंत्री ने घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए कपड़े बदलने की व्यवस्था करने और उचित स्थानों पर टॉयलेट बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रमुख घाटों पर हर 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर (सुविधा केंद्र) विकसित करने को कहा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आसान पहुंच के लिए मार्ग और सीढ़ियों का निर्माण
उन्होंने घाटों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए हर 500 मीटर पर सीढ़ियां या अन्य पहुंच मार्ग बनाने के निर्देश दिए। इससे लोगों को मुख्य घाटों तक पहुंचने में आसानी होगी और भीड़ प्रबंधन भी बेहतर हो सकेगा।
सिद्धवट-अंगारेश्वर के बीच पुल निर्माण
मुख्यमंत्री ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच बन रहे पुल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस पुल के बन जाने से दोनों धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक रास्ता भी मिलेगा।
चौड़े घाट और बैठने की बेहतर व्यवस्था
घाटों पर स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़ा क्षेत्र तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने के साथ बैठने की भी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यहां बैठने सहित अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए।


