सीएम मोहन यादव ने नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीता पुनर्वास परियोजना का भूमि पूजन किया और 14 कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। सरकार जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार और पर्यावरण संतुलन पर ध्यान दे रही है।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिन 25 मार्च को वीरांगना रानी दुर्गावती नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीता पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा (बाड़े) का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

Cheetah Rehabilitation Project MP: नौरादेही बनेगा चीतों का नया घर

सीएम ने कहा कि नौरादेही टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है और यह सतपुड़ा, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान से जुड़ा हुआ है। यहां का प्राकृतिक वातावरण चीतों सहित कई वन्यजीव प्रजातियों के लिए उपयुक्त है। यह स्थान प्रदेश में चीतों का तीसरा नया निवास स्थल बनेगा।

14 कछुओं को मुक्त आवास में छोड़ा गया

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चंबल नदी और भोपाल से लाए गए 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा। उन्होंने कहा कि कछुए जल स्रोतों की सुंदरता और जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

Biodiversity Conservation MP: जैव विविधता संरक्षण पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए संकल्प के साथ काम कर रही है। थलचर, जलचर और नभचर सभी प्रकार के जीवों की सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

MP Wildlife Protection Efforts: घड़ियाल, कछुए और गिद्धों का संरक्षण

उन्होंने बताया कि पहले भी घड़ियाल और 25 कछुओं को कूनो क्षेत्र में छोड़ा गया था। इसके अलावा 5 गिद्धों को भी मुक्त आवास में छोड़ा गया है। यह सभी प्रयास वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

Eco Tourism MP: वन्यजीव पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। वन्यजीव पर्यटन के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। टाइगर रिजर्व लोगों में वन्यजीवों के साथ सहअस्तित्व की भावना को मजबूत करते हैं।

मध्यप्रदेश सरकार का जीव दया और संरक्षण का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों की असली सुंदरता वहां के वन्यजीवों से होती है। राज्य सरकार जीव दया और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ काम कर रही है, ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे।