T20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले चचेरी बहन की मौत का दुख सहकर ईशान किशन ने भारत के लिए खेला। उन्होंने 25 गेंदों में 54 रन की पारी खेल जीत में अहम योगदान दिया और यह जीत अपनी दिवंगत बहन को समर्पित की।
अहमदाबाद: T20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की शानदार जीत के हीरो रहे ईशान किशन एक बड़े दुख को सीने में दबाकर मैदान पर उतरे थे। लंबे समय बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले किशन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत के बाद अपने इस दर्द को दुनिया के सामने बयां किया।
फाइनल मैच से ठीक पहले शुक्रवार को एक कार एक्सीडेंट में ईशान की चचेरी बहन और उनके पति की मौत हो गई थी। इस खबर ने ईशान को अंदर से तोड़ दिया था, लेकिन उन्होंने टीम के लिए मजबूती से लड़ने का फैसला किया। ईशान के पिता प्रणव पांडे भी फाइनल देखने अहमदाबाद आने वाले थे, लेकिन इस दुखद खबर के बाद उन्होंने अपना प्लान कैंसिल कर दिया। परिवार ने ही ईशान को हिम्मत दी और देश के लिए खेलने को कहा, जिसके बाद वह टीम के साथ ही रुके।
मैच के बाद ईशान किशन ने कहा, "एक कार एक्सीडेंट में मैंने अपनी कजिन बहन और उनके पति को खो दिया। आज मैं उन्हीं के लिए खेला। मैंने इस बारे में हार्दिक भाई से बात की थी और उन्होंने मुझसे कहा कि टीम को सबसे पहले रखो। मैं यह जीत उन्हें समर्पित करता हूं।" अपनी फिफ्टी पूरी करने के बाद भी किशन ने आसमान की तरफ बल्ला उठाकर अपनी बहन और जीजा को श्रद्धांजलि दी थी।
पिछले दो साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे किशन ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर टीम में वापसी की थी। वर्ल्ड कप में उन्होंने 317 रन बनाए और टूर्नामेंट के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। भारतीय बल्लेबाजों में वह संजू सैमसन के बाद दूसरे नंबर पर रहे। फाइनल में उन्होंने संजू के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की और 25 गेंदों में 54 रनों की तूफानी पारी खेली। बैटिंग के अलावा फील्डिंग में भी उन्होंने रचिन रवींद्र और टिम साइफर्ट के शानदार कैच लपके।
ईशान ने बताया कि जब वह टीम से बाहर थे, तो उन्होंने विराट कोहली के एटीट्यूड को फॉलो किया। उन्होंने कहा, "मैंने उन चीजों के बारे में सोचे बिना कड़ी मेहनत करने की कोशिश की जो मेरे कंट्रोल में नहीं हैं।" ईशान ने यह भी खुलासा किया कि वर्ल्ड कप टीम की घोषणा से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन्हें फोन किया था। सूर्या ने पूछा, "क्या तुम हमें वर्ल्ड कप जिताओगे?" इस पर ईशान का जवाब था, "अगर आप भरोसा करेंगे, तो मैं यह कर दिखाऊंगा।" और ईशान ने उस भरोसे को कायम रखा।


