Breaking News South Korea: डेजॉन के कार प्लांट में अचानक लगी भीषण आग ने 10 मजदूरों की जान ले ली, 59 लोग घायल और 4 अभी भी लापता हैं। 200Kg सोडियम, तेजी से फैलती आग और ढहती बिल्डिंग… क्या यह सिर्फ एक हादसा था या फैक्ट्री सुरक्षा में गंभीर चूक छिपी थी? क्या रेस्क्यू में हुई देरी जानलेवा बन गई?
South Korea Factory Fire: दक्षिण कोरिया के डेजॉन शहर में एक कार पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 59 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से 25 की हालत बेहद गंभीर है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह आग लगी, उस समय फैक्ट्री के अंदर करीब 170 मजदूर काम कर रहे थे।

क्या अंदर मौजूद खतरनाक केमिकल बना आग का सबसे बड़ा कारण?
रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री में करीब 200 किलोग्राम सोडियम रखा हुआ था। सोडियम एक बेहद खतरनाक केमिकल होता है, जो हवा या पानी के संपर्क में आने पर विस्फोट कर सकता है। इसी वजह से दमकल कर्मियों को तुरंत अंदर जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें डर था कि कहीं आग के बीच कोई बड़ा धमाका न हो जाए।

170 मजदूरों में से कितने फंसे, कितनों ने बचाई जान?
जब यह हादसा हुआ, उस समय फैक्ट्री में करीब 170 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक दोपहर करीब 1 बजे आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। कई मजदूर अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। बचाव टीमों के मुताबिक अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। 34 लोगों को मामूली चोटें आई हैं और 4 लोग अभी भी लापता हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंदर की स्थिति कितनी भयावह रही होगी।

क्यों नहीं तुरंत अंदर जा सके दमकलकर्मी?
रिपोर्ट के मुताबिक, इमारत के गिरने का खतरा इतना ज्यादा था कि दमकलकर्मी तुरंत अंदर प्रवेश नहीं कर पाए। इसका मतलब है कि कई मजदूर लंबे समय तक अंदर फंसे रहे होंगे। एक शव दूसरी मंजिल पर मिला, जबकि बाकी शव तीसरी मंजिल पर पाए गए। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आग ऊपर की ओर तेजी से फैली होगी, जिससे वहां फंसे मजदूरों को बचने का मौका नहीं मिल सका।

राहत और बचाव कार्य में क्या हो रही है सबसे बड़ी चुनौती?
बचाव कार्य में देरी का एक बड़ा कारण यह भी था कि इमारत के गिरने का खतरा, अंदर मौजूद केमिकल्स, धुएं और गर्मी की वजह से कम विजिबिलिटी थी। रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी। दमकल टीम को बहुत सावधानी के साथ अंदर जाना पड़ा। इन सबके बावजूद फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और 4 लापता लोगों की तलाश की जा रही है।


सरकार ने क्या लिया बड़ा फैसला?
अधिकारियों ने अभी तक आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन जांच शुरू कर दी गई है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि बचाव कार्य में किसी भी तरह की कमी न हो और हर संभव संसाधन लगाया जाए। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा कि यह सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी चूक छिपी हुई है। फिलहाल, पूरे देश की नजर इस रेस्क्यू ऑपरेशन और जांच पर टिकी हुई है।


