77वें गणतंत्र दिवस पर लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह में भव्य परेड, पुष्पवर्षा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आकर्षक झांकियों के माध्यम से ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।

लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में विधान भवन के सामने मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया गया। परंपरा के अनुसार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रध्वज फहराया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे और परेड की सलामी ली।

पुष्पवर्षा और देशभक्ति गीतों से सजा समारोह

ध्वजारोहण के बाद हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। देशभक्ति गीतों की गूंज से पूरा परिसर गणतंत्र दिवस के रंग में रंगा नजर आया और माहौल राष्ट्रप्रेम से भर उठा।

अनुशासन और साहस का प्रतीक बनी भव्य परेड

समारोह में प्रस्तुत परेड ने अनुशासन, समर्पण और साहस का संदेश दिया। भारतीय थल सेना की विभिन्न रेजिमेंटों की टुकड़ियों और उनके ब्रास बैंड के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, पीएसी की 32वीं एवं 35वीं वाहिनी, महिला पीएसी बल, प्रांतीय रक्षा दल, एनसीसी कैडेट ने सधी हुई कदमताल के साथ मार्च किया।

हरियाणा पुलिस की भागीदारी से राष्ट्रीय एकता का संदेश

इस वर्ष हरियाणा पुलिस का दस्ता भी विशेष रूप से परेड में शामिल हुआ। इस सहभागिता ने अंतर-राज्यीय सहयोग और राष्ट्रीय एकता का मजबूत संदेश दिया।

विद्यार्थियों का मार्च पास्ट रहा प्रमुख आकर्षण

समारोह में शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की सहभागिता खास आकर्षण रही।

  • उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल, लखनऊ का ब्रास बैंड
  • सेंट जोसेफ कॉलेज की छात्राएं
  • अटल आवासीय विद्यालय
  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय
  • विभिन्न राजकीय व निजी विद्यालयों के विद्यार्थी

‘शिक्षित बेटियां’ और देशभक्ति धुनों ने जीता दिल

सीएमएस अलीगंज द्वारा प्रस्तुत ‘शिक्षित बेटियां’ थीम को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं सीएमएस गोमतीनगर के बैंड द्वारा बजाई गई ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन ने सभी को भावविभोर कर दिया। ‘हम होंगे कामयाब’, ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे गीतों से पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखी विकसित भारत की झलक

इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई। लखनऊ पब्लिक कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत’ की अवधारणा पर आधारित नृत्य प्रस्तुति दी, जिसमें आत्मनिर्भरता और प्रगति को दर्शाया गया।

नारी शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त प्रदर्शन

एसएआर पब्लिक स्कूल की प्रस्तुति में नारी शक्ति और महिलाओं की सामाजिक भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। वहीं सेंट जोसेफ कॉलेज, राजाजीपुरम के विद्यार्थियों ने अयोध्या धाम की सांस्कृतिक चेतना, भारतीय परंपरा और नारी-सम्मान का संदेश दिया।

‘उत्तर प्रदेश-उत्तम प्रदेश’ और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम

राजधानी लखनऊ में आयोजित इस भव्य समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों ने देशभक्ति और एकता का संदेश दिया। बाल विद्या मंदिर, चारबाग की ओर से ‘उत्तर प्रदेश-उत्तम प्रदेश’ प्रस्तुति दी गई। एसआर ग्लोबल स्कूल की छात्राओं ने नारी शक्ति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जबकि बाल निकुंज विद्यालय ने ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम को मंच पर प्रभावशाली रूप से उतारा।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना के साथ अंतर-राज्यीय प्रस्तुति

राज्य में पहली बार गणतंत्र दिवस पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, बिहार, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए 200 से अधिक कलाकारों ने विधानसभा मार्ग पर प्रस्तुति दी। इन कलाकारों ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ थीम पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भिक्षावृत्ति से मुक्त बच्चों की तिरंगा नृत्य प्रस्तुति

उम्मीद संस्था की ओर से भिक्षावृत्ति से मुक्त बच्चों द्वारा प्रस्तुत तिरंगा नृत्य समारोह का विशेष आकर्षण रहा और सभी का दिल जीत लिया।

झांकियों में दिखी ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की झलक

समारोह में प्रस्तुत झांकियों में ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ की झलक देखने को मिली। लखनऊ पब्लिक स्कूल की ‘नया भारत–नया हिंदुस्तान’ झांकी और पर्यटन निदेशालय की झांकी को दर्शकों की जोरदार तालियां मिलीं।

विकास और विरासत को दर्शाती सूचना विभाग की झांकी

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की झांकी में ब्रह्मोस मिसाइल, मेट्रो परियोजना, राम मंदिर के माध्यम से प्रदेश की विरासत और विकास कार्यों को दर्शाया गया। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय), जल जीवन मिशन, परिवहन निगम और नमामि गंगे की झांकियों में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

तिरंगे गुब्बारों के साथ राष्ट्रप्रेम का संदेश

समारोह के अंत में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने आकाश में तिरंगे गुब्बारे उड़ाकर प्रदेशवासियों को राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश दिया।