77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में ध्वजारोहण कर प्रदेश की उपलब्धियां गिनाईं। किसान कल्याण, उद्योग, ऊर्जा, शिक्षा, नारी सशक्तिकरण और विकसित मध्यप्रदेश@2047 के विजन पर जोर दिया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश के जन-गण-मन में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना और अधिक सशक्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है।

अमर शहीदों को नमन, राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान को किया याद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन्हीं बलिदानों के कारण आज हम स्वतंत्र भारत के नागरिक हैं और संविधान के मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत शिप्रा तट पर हुआ गणतंत्र दिवस समारोह

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इसी ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी के क्रम में इस वर्ष गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम पवित्र शिप्रा नदी के तट पर आयोजित किया गया। उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।

झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव

राज्य स्तरीय समारोह में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इसके साथ ही स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर समारोह को उल्लासपूर्ण बना दिया।

किसान, युवा, गरीब और नारी के उत्थान पर केंद्रित विकास मॉडल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के अनुरूप गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण के चार प्रमुख मिशन शुरू किए हैं।

2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2002-03 में जहां कृषि बजट 600 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 27,050 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य के तहत 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया गया है।

उद्योग और रोजगार को नई गति, वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में प्रभावी भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन विश्वास अधिनियम 2024 और 2025 के तहत नियमों को सरल कर उद्योगों को प्रोत्साहन दिया गया है। वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्तावों में से एक-तिहाई जमीन पर उतर चुके हैं। स्विट्जरलैंड में आयोजित वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी महत्वपूर्ण रही।

नशा मुक्ति, कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा तय समय से पहले नक्सल उन्मूलन में सफलता प्राप्त की गई है। कानून व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

शिक्षा, छात्रवृत्ति और वैश्विक रोजगार की ओर बढ़ते युवा

मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना के तहत 20 हजार से अधिक बसाहटों को सड़क सुविधा दी जा रही है। पिछले दो वर्षों में 50 लाख विद्यार्थियों को 2,250 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति दी गई है। जापान सहित अन्य देशों में प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा से पहचान बना रहे हैं।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सोलर पंप योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बन चुका है। नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 491 मेगावाट से बढ़कर 9,508 मेगावाट हो चुकी है। प्रदेश में 30 लाख विद्युत पंपों को सोलर पंप में बदलने का लक्ष्य तय किया गया है।

जल जीवन मिशन और स्वच्छ वायु में उपलब्धियां

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 81 लाख से अधिक नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जबलपुर, देवास और इंदौर को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।

तकनीकी शिक्षा, कोडिंग लैब और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा

प्रदेश में 22 भारतीय भाषाओं और 4 विदेशी भाषाओं में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों में नामांकन में 21% से अधिक की वृद्धि हुई है। रीवा से शुरू हुई कोडिंग लैब पहल को अन्य संस्थानों में भी लागू किया जाएगा।

विकसित मध्यप्रदेश@2047 का विजन डॉक्यूमेंट

मुख्यमंत्री ने बताया कि “विकसित मध्यप्रदेश@2047” का दृष्टिपत्र जारी किया गया है, जो प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत@2047 संकल्प के अनुरूप है। राज्य के राजस्व में 8% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

वन, वन्यजीव संरक्षण और मेडिकल शिक्षा में विस्तार

माधव राष्ट्रीय उद्यान को 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। प्रदेश में 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य है और उज्जैन को मेडिसिटी बनाया जाएगा।

नारी सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। 54 लाख से अधिक वृद्धजन, दिव्यांग और महिलाओं को पेंशन दी जा रही है।

स्पेस टेक नीति और भोपाल को स्पोर्ट्स हब बनाने की तैयारी

मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति लॉन्च करने वाला देश का अग्रणी राज्य बना है। भोपाल में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है।

प्रदेश की निरंतर प्रगति ही सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उत्तरोत्तर प्रगति ही सरकार का लक्ष्य है। गणतंत्र दिवस आत्ममंथन और भविष्य की रणनीति तय करने का अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेशवासी मिलकर मध्यप्रदेश को देश का गौरव बनाएंगे।