फ्लाइट लेट हुई तो एयरलाइंस को देने चाहिए पैसे! संसद में गूंजी राघव चड्ढा की आवाज
Raghav Chadha On Airlines Rules: संसद में आम हवाई यात्रियों की परेशानियों का मुद्दा उठा। सांसद राघव चड्ढा ने फ्लाइट देरी, रिफंड नियमों और एयरलाइंस की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सरकार से यात्रियों के हित में सख्त नियम बनाने की मांग की।

संसद में उठा आम हवाई यात्री का सवाल, राघव चड्ढा ने एयरलाइंस की नीतियों पर साधा निशाना
आज के दौर में हवाई यात्रा भले ही आम लोगों की पहुंच में आ गई हो, लेकिन इससे जुड़ी परेशानियां कम नहीं हुई हैं। संसद में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए एयरलाइंस कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जहां यात्रियों से थोड़े से अतिरिक्त सामान पर भारी शुल्क वसूला जाता है, वहीं फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर एयरलाइंस यात्रियों को किसी तरह का मुआवजा नहीं देतीं।
“नियम यात्रियों के लिए, बहाने एयरलाइंस के लिए”
राघव चड्ढा ने हाल ही में संसद में दिए अपने भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा कि एयरलाइंस कुछ ग्राम अतिरिक्त बैगेज पर तुरंत पैसे वसूल लेती हैं, लेकिन बिना सूचना फ्लाइट रद्द या घंटों लेट होने पर यात्रियों को असहाय छोड़ दिया जाता है। उन्होंने इसे पूरी तरह से अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि इस मुद्दे को उन्होंने संसद में उठाया है ताकि आम यात्रियों को भी न्याय मिल सके।
एक किलो अतिरिक्त सामान पर हजारों रुपये
संसद में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि अगर किसी यात्री का बैगेज सिर्फ एक किलो भी ज्यादा हो जाए, तो एयरलाइंस हजारों रुपये का चार्ज लगा देती हैं। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि यात्रियों को अपने जरूरी सामान एयरपोर्ट पर ही फेंकने पड़ते हैं, क्योंकि अतिरिक्त शुल्क उस सामान की कीमत से भी ज्यादा होता है। उन्होंने सवाल किया कि जब एक किलो सामान पर इतना बड़ा जुर्माना लिया जाता है, तो घंटों की देरी पर यात्रियों को क्या मिलता है?
हर घंटे की देरी पर मुआवजे की मांग
राघव चड्ढा ने नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से अपील की कि फ्लाइट में देरी को लेकर एक ठोस व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि हर घंटे की देरी पर एयरलाइंस को सीधे आम यात्री को मुआवजा देना चाहिए, ताकि कंपनियां समय की कीमत समझें और यात्रियों के प्रति जवाबदेह बनें।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिली। कई लोगों ने राघव चड्ढा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि एयरलाइंस यात्रियों के साथ दोहरा रवैया अपनाती हैं। कुछ यूजर्स ने लिखा कि अतिरिक्त बैगेज पर तुरंत जुर्माना लगता है, लेकिन फ्लाइट लेट होने पर यात्रियों को सिर्फ निराशा हाथ लगती है।
वहीं, कुछ लोगों ने इस प्रस्ताव को लेकर चिंता भी जताई। उनका मानना है कि अगर एयरलाइंस पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया, तो इसका बोझ अंततः यात्रियों पर ही बढ़े हुए किराए के रूप में डाला जाएगा। कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि बैगेज नियम और फ्लाइट देरी की तुलना सीधे तौर पर करना कितना सही है।
First time an educated MP is speaking in parliament possibly after decades: https://t.co/pxu3wPia7Y
— Excel (@kiran03071145) February 3, 2026
the downstream effect of this is that everyone's fares will be increased to cover up or insure the time when airlines get late https://t.co/VdD58yEaBw
— Shobhit Bakliwal (@shobhitic) February 3, 2026
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