महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसा भयानक हादसा हुआ है कि एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। इस घटना से हर कोई दुखी है। यही चर्चा हो रही है कि शॉर्टकट लेने के चक्कर में एक पूरा  परिवार मौत के मुंह में समा गया।

कहते हैं शॉर्टकट कभी अच्छा नहीं होता है। जरा सी जल्दबाजी में आपका पूरा परिवार भी तबाह हो सकता है। महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई है। जहां एक शॉर्टकट के चक्कर में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके के लोगों के दिल को झकझोर दिया है। सबसे दुखद बात यह है कि मरने वालों में 6 तो मासूम बच्चे हैं। सिर्फ तीन ही बालिग हैं, जो उनके पैरेंट्स हैं।

अंतिम संस्कार करने वाला तक नहीं बचा

दरअसल, यह दर्दनाक घटना नासिक जिले में शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी शहर के शिवाजी नगर इलाके में घटित हुई। जहां एक दरगुडे परिवार एक कोचिंग सेंटर द्वारा आयोजित फंक्शन में शामिल होने के बाद घर लौट रहा था। तभी उनकी कार सड़क किनारे एक कुएं में गिर गई। जिसके कारण कार में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। यानी ना कोई बचाने वाला बचा ना कोई अंतिम संस्कार करने वाला।

शॉर्टकट पूरे परिवार को मारकर गया

पीड़ित परिवार के मुखिया की पहचान सुनील दत्तू दरगुडे (32) के रूप में हुई है। जो पनी पत्नी रेशमा और परिवार के छह बच्चों (पांच लड़कियां और एक लड़का) के साथ एक कार्यक्रम से वापसी कर रहे थे। लेकिन रात अधिक हो गई थी, इसी दौरान उनको लगा की अगर मैन रोड से गए तो ज्यादा समय लगेगा। इसलिए उन्होने कम दूरी वाली सड़क पकड़ते हुए शॉर्टकट ले लिया। जो ना तो सड़क ठीक थी और ना ही कुछ दिखाई दे रहा था। अंजाम यह हुआ कि उनकी गाड़ी सड़क किनारे बने एक गहरे कुएं में जा गिरी।

एक गलत फैसला और परिवार के लोगों की मौत

पुलिस जांच में सामने आया है कि सुनील ने शॉर्टकट लेने का फैसला नहीं किया तो शायद परिवार जिंदा होता। उसे नहीं पता था कि यह एक छूटी सी गलती उनका परिवार खत्म कर देगी। राहगीरों की सूचना पर जब तक पुलिस पहुंची और उनको निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं पुलिस ने कुएं के मालिक राजेंद्र राजे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। क्योंकि कुआं बंद पड़ा था, जिसे ढका नहीं गया ता। वहीं पुलिस ने मरने वालों की पहचान परिवार के मुखिया सुनील दरगुडे (32), उनकी पत्नी रेशमा (27), बेटी गुणवंती (11), सुनील की साली आशा (32), उनके बच्चे श्रेयाश (11), श्रावणी (11), श्रद्धा (13) और सृष्टि (14), और एक रिश्तेदार की बच्ची समृद्धि (7) के रुप में की है।