अनूपपुर के कोतमा में लॉज भवन गिरने से 3 लोगों की मौत और 3 घायल हुए। CM मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 9 लाख और घायलों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव कार्य एनडीआरएफ-एसडीआरएफ द्वारा चलाया गया।
भोपाल। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र में एक लॉज भवन के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुखद घटना में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव राहत सहायता: मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
- मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख रुपये
- संबल योजना के अंतर्गत 4-4 लाख रुपये
- रेडक्रॉस से 1-1 लाख रुपये
इस प्रकार प्रत्येक मृतक के परिजन को कुल 9 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। घायलों के लिए भी सहायता तय की गई है:
- मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख रुपये
- रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपये
मुख्यमंत्री मोहन यादव की संवेदना और प्रार्थना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की। साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ है।
घायलों का इलाज: मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र में उपचार जारी
हादसे में घायल लोगों में से गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेहतर इलाज के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। अन्य घायलों का इलाज कोतमा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमों ने संभाला मोर्चा
शनिवार शाम से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार दोपहर तक लगातार चलता रहा। बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसईसीएल की टीमों ने मिलकर काम किया। आधुनिक मशीनों और डॉग स्क्वॉड की मदद से मलबे की गहन तलाशी ली गई। रेस्क्यू टीम ने 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि 3 लोगों के शव बरामद किए गए।
मृतकों की पहचान और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे में मृतकों की पहचान हनुमान दीन यादव, रामकृपाल यादव और एक अन्य स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। प्रशासन ने सभी आवश्यक कानूनी और राहत प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं।
मंत्री और प्रशासन मौके पर: पूरी रात चला राहत कार्य
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री दिलीप जायसवाल पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
प्रशासन का आभार: बचाव कार्य में सभी का सहयोग
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसईसीएल, पुलिस बल और स्थानीय नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

