Is Iran War Expensive for US: ईरान युद्ध जैसे-जैसे लंबा खिंच रहा है, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की 'सांसें' फूलने लगी हैं। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि युद्ध के लिए 'पैसे की कोई कमी नहीं' है और आम जनता पर टैक्स का बोझ भी नहीं डाला जाएगा। लेकिन सवाल, अगर टैक्स नहीं बढ़ेगा, तो अरबों डॉलर का फंड आएगा कहां से?
Iran War US Impact: ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन की लड़ाई नहीं रह गई है। यह अब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, अमेरिका के लिए 'फाइनेंशियल एंड्योरेंस' यानी आर्थिक सहनशक्ति का लिटमस टेस्ट बन गया है। जैसे-जैसे युद्ध खिंच रहा है, अमेरिकी जनता के मन में एक ही सवाल है, इतना पैसा कहां से आएगा? क्या इस युद्ध की कीमत आम आदमी को भारी टैक्स चुकाकर भरनी होगी? इन सवालों का जवाब देने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी (वित्त मंत्री) स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) सामने आए हैं, लेकिन उनके जवाबों ने राहत से ज्यादा चिंताएं पैदा कर दी हैं। सुनिए अमेरिकी टॉप मिनिस्टर ने क्या कहा...
पैसे की कोई कमी नहीं- स्कॉट बेसेंट
NBC के मशहूर शो 'Meet the Press' में बात करते हुए स्कॉट बेसेंट ने देश को भरोसा दिलाने की कोशिश की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'हमारे पास इस युद्ध को फंड करने के लिए पर्याप्त पैसा है।' उन्होंने कांग्रेस से मांगे जाने वाले अतिरिक्त फंड को 'सप्लीमेंटल' (अतिरिक्त) बताया, न कि तत्काल ऑपरेशन के लिए अनिवार्य।
Scott Bessent's Interview VIDEO
टैक्स नहीं बढ़ेगा, तो फिर क्या?
बेसेंट ने अमेरिकी करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए कहा कि सरकार का टैक्स बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन यहीं से असली सस्पेंस शुरू होता है। वित्त मंत्री ने यह साफ नहीं किया कि अरबों-खरबों डॉलर का यह फंड कहां से आएगा। जानकारों का मानना है कि पहले की तरह टैरिफ पर निर्भर रहना अब मुमकिन नहीं है। पेंटागन लगातार और ज्यादा फंडिंग की मांग कर रहा है ताकि युद्ध लंबा खिंचने या फैलने की स्थिति में हथियारों की कमी न हो।
अमेरिकी संसद ने मांगा हजारों करोड़ का हिसाब
प्रशासन की इस मांग का अमेरिकी संसद (Congress) में भारी विरोध हो रहा है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स, दोनों ही दलों के नेता इस भारी-भरकम खर्च पर सवाल उठा रहे हैं। सांसदों का कहना है कि जब पहले ही रक्षा बजट इतना बड़ा है, तो फिर 'हंड्रेड्स ऑफ बिलियंस ऑफ डॉलर्स' की अतिरिक्त जरूरत क्यों है? 'क्या हम एक और अंतहीन और खर्चीले युद्ध में फंस रहे हैं?', यह सवाल आज वाशिंगटन में उठ रहा है।
आम आदमी की जेब पर 'वॉर स्ट्राइक'
भले ही टैक्स न बढ़े, लेकिन युद्ध का असर पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता का बजट बिगड़ रहा है। युद्ध जितना लंबा खिंचेगा, ग्लोबल सप्लाई चेन उतनी ही प्रभावित होगी। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यह हाल के दशकों में अमेरिका का सबसे महंगा सैन्य अभियान साबित हो सकता है।


