Middle East Ceasefire Latest Updates: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने गेंद अमेरिका के पाले में डाल दी है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि परमाणु मुद्दे पर चर्चा तभी हो,गी जब अमेरिका पहले जंग खत्म करने की गारंटी देगा और होर्मुज के मैनेजमेंट पर बात करेगा। ईरान ने 3 शर्तों वाला अपना प्रस्ताव भी अमेरिका को भेजा है।
Iran Conditions for Ending Middle East War: मिडिल ईस्ट में पिछले दो महीनों से जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। पाकिस्तान में शांति वार्ता के दूसरे दौर के बेनतीजा खत्म होने के बाद ईरान ने अमेरिका के सामने एक '3-स्टेज फॉर्मूला' रखा है। ईरानी लोकल मीडिया रिपोर्ट्स (Al Madayeen) के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को अपना नया प्रस्ताव भेजा है, जिसके जरिए तेहरान ने साफ कर दिया है कि अगर वॉशिंगटन शांति चाहता है, तो उसे इन तीनों शर्तों को मानना पड़ेगा। वहीं, दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वे किसी के दबाव में आकर डील नहीं करेंगे। आइए जानते हैं ईरान की तीन शर्तें क्या हैं और क्या इस पर कोई डील संभव है...
ईरान का 3-स्टेज सीजफायर फॉर्मूला क्या है?
स्टेज 1: सबसे पहले जंग को पूरी तरह खत्म करना होगा। इसके साथ ही ईरान और लेबनान के खिलाफ भविष्य में किसी भी हमले को रोकने की गारंटी देनी होगी।
स्टेज 2: अगर पहली शर्त मान ली जाती है, तो दूसरे चरण में दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के मैनेजमेंट और प्रशासन पर चर्चा होगी।
स्टेज 3: ऊपर की दो शर्तें पूरी होने के बाद ही ईरान परमाणु मुद्दे पर बात करेगा। अमेरिका लंबे समय से मांग कर रहा है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) बंद करे, लेकिन ईरान ने इसे आखिरी पायदान पर रखा है।
व्हाइट हाउस का जवाब, सारे कार्ड्स हमारे हाथ
ईरान के इस प्रस्ताव पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 'Axios' से बात करते हुए कहा, 'अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, हमारे हाथ में सारे कार्ड्स हैं और हम केवल वही डील करेंगे जो अमेरिकी जनता के हित में हो। हम ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे।'
डोनाल्ड ट्रंप का रिएक्शन
पाकिस्तान में हुई दूसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप भी थोड़े उखड़े हुए नजर आए। उन्होंने अपने दूतों के लिए कहा कि अब '18-18 घंटे की फ्लाइट्स' लेने की जरूरत नहीं है। ट्रंप का मानना है कि अगर ईरान गंभीर है, तो चर्चा फोन कॉल पर भी की जा सकती है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची अब रूस पहुंच चुके हैं, जहां वे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। पाकिस्तान में सीधी बात से इनकार करने के बाद अब रूस का रुख इस पूरी डील में निर्णायक साबित हो सकता है।
मिडिल ईस्ट में आगे क्या होगा?
फिलहाल मिडिल ईस्ट में एक नाजुक सीजफायर बना हुआ है, लेकिन फरवरी से शुरू हुई यह जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ट्रंप ने सोमवार को अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ एक 'सिचुएशन रूम मीटिंग' बुलाई है, जिसमें ईरान के इस नए प्रस्ताव पर गंभीरता से चर्चा हो सकती है।


