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Iran-US 21-Day War: ईरान ने छोटे हथियारों से महाशक्तिशाली अमेरिका को दी तगड़ी चोट! देखें लिस्ट
क्या ईरान ने 21 दिनों में अमेरिकी सबसे महंगे हथियारों को निशाना बनाकर इतिहास रच दिया? F-35 स्टेल्थ, MQ-9 ड्रोन, THAAD रडार और USS Gerald R Ford पर हुए हमले ने अमेरिका और इज़राइल की ताकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए पूरी रणनीति और नुकसान की सूची।

Iran Missile Strike 2026: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने दुनिया के सबसे महंगे और आधुनिक हथियारों को भी प्रभावित किया है। इस दौरान अमेरिकी और इज़राइली सेना को कुल 28 विमानों और कई हाई-प्रोफाइल मिलिट्री सिस्टम का नुकसान उठाना पड़ा। इसमें F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट, MQ-9 Reaper ड्रोन, THAAD रडार सिस्टम और USS Gerald R Ford विमानवाहक पोत शामिल हैं। क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 21 दिनों में ईरान ने अमेरिकी और इज़राइली सेना को कितना बड़ा झटका दिया? कम लागत वाली प्रणालियों से उन्होंने अरबों डॉलर के महंगे हथियारों को कैसे निशाना बनाया?
विमानों का नुकसान-कितने और किस तरह के हुए निशाने पर?
- संघर्ष की शुरुआत से अब तक अमेरिका को 16 विमान खोने पड़े हैं।
- 12 MQ-9 Reaper ड्रोन नष्ट, हर ड्रोन की कीमत लगभग 56.5 मिलियन डॉलर
- 3 F-15 Strike Eagle फाइटर जेट कुवैत में ‘फ्रेंडली फायर’ की वजह से नष्ट
- 1 KC-135 रीफ्यूलिंग टैंकर इराक में दुर्घटनाग्रस्त, 6 क्रू मेंबर्स की मौत
इसके अलावा, 19 मार्च को F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट पर हमला किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन अगर इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह इतिहास में पहली बार होगा जब F-35 पर सफल हमला हुआ।
इज़राइल ने भी दावे किए कि उनके कई ड्रोन ईरान में नष्ट हुए हैं। कुल मिलाकर अमेरिका और इज़राइल के 28 विमान इस संघर्ष में प्रभावित हुए।
कीमती रडार सिस्टम और THAAD का निशाना-क्या अमेरिका की मिसाइल डिफेंस खतरे में?
- ईरान ने अमेरिकी THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम और AN/TPY-2 रडार को निशाना बनाया।
- जॉर्डन और UAE में रडार नष्ट या प्रभावित
- रडार की अनुमानित कीमत 300–500 मिलियन डॉलर
- कतर में 1.1 अरब डॉलर के AN/FPS-132 ब्लॉक 5 रडार पर हमला
ईरान ने दावा किया कि इन हमलों से उनकी मिसाइल क्षमताओं में विस्तार हुआ और अमेरिका के बहु-स्तरीय रक्षा नेटवर्क पर बड़ा दबाव पड़ा।
USS Gerald R Ford पर आग-क्या जानबूझकर तोड़फोड़ हुई?
- अमेरिकी नौसेना के सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत USS Gerald R Ford में आग लगी, जिसे बुझाने में 30 घंटे से अधिक लगे।
- जहाज़ Crete के Naval Support Activity Souda Bay में मरम्मत के लिए भेजा गया
- मीडिया रिपोर्टों में चालक दल द्वारा जानबूझकर तोड़फोड़ की आशंका
- अमेरिका के नौसैनिक मिशनों की लंबी तैनाती और थकान ने इस घटना में भूमिका निभाई हो सकती है।
अमेरिका पर आर्थिक बोझ कितना बढ़ा?
- सिर्फ़ हथियार और विमानों का नुकसान ही नहीं, बल्कि अमेरिका को 21 दिनों में गोला-बारूद पर 12 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च करना पड़ा।
- हर दिन लगभग 2 अरब डॉलर का खर्च
- 300 से ज्यादा Tomahawk मिसाइलें इस्तेमाल, कुल कीमत 1.2 अरब डॉलर
- Pentagon ने $200 बिलियन अतिरिक्त फंडिंग का अनुरोध किया
- यह आर्थिक बोझ अमेरिका की रणनीतिक तैयारियों को भी प्रभावित कर सकता है।
इज़राइली ड्रोन और F-16 की कहानी क्या है?
ईरान ने कहा कि उसने इज़राइल के कई ड्रोन और एक F-16 जेट को निशाना बनाया, लेकिन इज़राइल ने किसी नुकसान से इनकार किया। यह युद्ध के दौरान “fog of war” यानी जानकारी की अनिश्चितता को दर्शाता है।
रणनीतिक और वैश्विक असर
- MQ-9 ड्रोन, F-35, THAAD और रडार नेटवर्क पर ईरानी हमले से अमेरिका की एडवांस्ड मिलिट्री संपत्तियां दबाव में
- सस्ती रणनीति से महंगे प्लेटफ़ॉर्म कमजोर साबित हुए
- इंडो-पैसिफिक और मध्य पूर्व में भविष्य के सैन्य संतुलन पर असर
- ईरान का 21-दिन का हमला दिखाता है कि लागत में विषमता (Cost Asymmetry) आधुनिक युद्धों में कैसे निर्णायक हो सकती है।
क्या यह सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित रहेगा?
F-35 जैसे स्टेल्थ जेट का असर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र तक हो सकता है। जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया इन विमानों का इस्तेमाल करते हैं। चीन और रूस भी इसका डेटा ट्रैक कर सकते हैं।
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