- Home
- News
- ईरान की जेलों में कैद कौन हैं वो 6 लोग? जिनकी रिहाई के लिए इस्लामाबाद बातचीत में अमेरिका करेगा मांग
ईरान की जेलों में कैद कौन हैं वो 6 लोग? जिनकी रिहाई के लिए इस्लामाबाद बातचीत में अमेरिका करेगा मांग
BREAKING ALERT: ईरान में बंद अमेरिकी नागरिकों की रिहाई अब इस्लामाबाद वार्ता का सबसे बड़ा दांव बन गई है। ट्रंप प्रशासन दबाव बढ़ा रहा है, जबकि तेहरान अपनी शर्तों पर अड़ा है-क्या कैदी बनेंगे डील की कुंजी या बढ़ेगा टकराव?

American Prisoners Iran: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अब एक नया और बेहद संवेदनशील मुद्दा सामने आया है-ईरान में जेल में बंद अमेरिकी नागरिकों की रिहाई। अमेरिका अब इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने जा रहा है। उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच रहा है, जहां ईरान के साथ अहम बातचीत होनी है। इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति को और ज्यादा जटिल बना दिया है।
कौन हैं ईरान में बंद अमेरिकी नागरिक?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में कम से कम 6 अमेरिकी नागरिक हिरासत में हैं, हालांकि सभी के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इनमें दो प्रमुख नाम हैं-Kamran Hekmati और Reza Valizadeh। रज़ा वलीज़ादेह एक पत्रकार हैं, जो “Radio Farda” के लिए काम करते थे और 2022 में अमेरिकी नागरिक बने थे। 2024 में ईरान जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई।
वहीं कामरान हेकमती एक जौहरी हैं, जो अपने परिवार से मिलने ईरान गए थे, लेकिन वहां उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को तेहरान की कुख्यात Evin Prison में रखा गया है, जो राजनीतिक कैदियों के लिए बदनाम है।
BREAKING:
Islamabad on lockdown ahead of high-stakes US-Iran talks
10,000 security personnel deployed
Red Zone sealed, gatherings banned under Article 144
Serena Hotel secured, 3 km access restricted
US delegation led by VP JD Vance
Witkoff and Kushner expected… pic.twitter.com/ND0A3BHDPP— The Breaking Minutes (@BreakingMinutes) April 10, 2026
अमेरिका क्यों बना रहा है दबाव?
अमेरिका का कहना है कि इन नागरिकों को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है और उनकी तुरंत रिहाई होनी चाहिए। व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग लगातार ईरान पर दबाव बना रहा है। अमेरिका की रणनीति यह है कि इस्लामाबाद वार्ता के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए और ईरान को “गुडविल जेस्चर” के तौर पर कैदियों को छोड़ने के लिए राजी किया जाए।
ईरान की शर्तें क्या हैं?
ईरान ने भी बातचीत के लिए अपनी सख्त शर्तें रखी हैं। संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर नहीं होता और ईरान के फ्रीज फंड रिलीज नहीं होते, तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी। इसका मतलब साफ है कि दोनों देशों के बीच बातचीत आसान नहीं होने वाली और हर मुद्दे पर कड़ा टकराव देखने को मिल सकता है।
Breaking: 🇮🇷🤝🇵🇰
Historic in Islamabad: Iranian delegation welcomed by Army Chief Asim Munir as US–Iran talks begin on Pakistani soil for the first time since 1979.
Pakistan — from outcast to peacemaker.
Let’s see how long the deception stays hidden, it’s in their nature. pic.twitter.com/FmIuZbmi0K— Mir'khan (@iamarshadalii) April 11, 2026
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत असफल होती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है और पूरी दुनिया इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पाकिस्तान की अहम भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में Pakistan एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और वहां की सैन्य नेतृत्व इस बातचीत को सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान का मकसद है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो और क्षेत्र में शांति बनी रहे।
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि इस्लामाबाद में हो रही बातचीत किस दिशा में जाती है। अगर कैद अमेरिकी नागरिकों की रिहाई होती है, तो यह एक सकारात्मक संकेत हो सकता है। लेकिन अगर बातचीत विफल रहती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल दुनिया की नजरें इसी पर टिकी हैं कि क्या यह वार्ता शांति का रास्ता खोलेगी या फिर एक नए संघर्ष की शुरुआत करेगी।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

