दुबई में एक भारतीय परिवार का 13 लाख का सोना गलती से कचरे में चला गया। बिना शिकायत के, दुबई पुलिस ने 3 दिनों में सोना ढूंढकर परिवार को लौटा दिया। यह घटना उनकी ईमानदारी और बेहतरीन कार्यप्रणाली को दर्शाती है।

दुबई पुलिस की सुरक्षा और खोई हुई चीज़ों को वापस दिलाने की काबिलियत दुनिया भर में मशहूर है। उनकी ईमानदारी की मिसाल में एक और सुनहरा पन्ना जुड़ गया है। इस बार मामला एक भारतीय परिवार का था, जिनका 13 लाख का सोना सिर्फ तीन दिनों में ढूंढ निकाला गया।

13 लाख का सोना

23 साल UAE में रहने के बाद 2021 में भारत लौटीं कामिनी कन्नन एक शादी में शामिल होने के लिए दुबई गई थीं। वहां, कामिनी का सोने वाला बैग फट गया, तो उन्होंने एक नया बैग खरीदने का फैसला किया। नए बैग में सोना रखने से पहले, उन्होंने 8-8 ग्राम के चार 22 कैरेट सोने के सिक्के और 50 ग्राम का 24 कैरेट सोने का बिस्कुट एक थैली में डालकर डाइनिंग टेबल पर रख दिया।

सोना कचरे के डिब्बे में

घर की सफाई के दौरान, उनके बेटे अभिमन्यु ने सोने वाली थैली को पहचाने बिना कचरा समझकर कूड़ेदान में फेंक दिया। कामिनी को अगले दिन सुबह पता चला कि उनकी सोने की थैली गायब है। तभी बेटे ने उन्हें बताया कि उसने उसे कूड़ेदान में फेंक दिया था। उन्होंने बिल्डिंग के मालिक को बताया, लेकिन कुछ नहीं मिला। सोने की कीमत करीब 50,000 दिरहम (लगभग 13 लाख रुपये) थी। उन्हें लगा कि अब सोना वापस नहीं मिलेगा, इसलिए उन्होंने दुबई पुलिस में शिकायत भी नहीं की।

तीसरे दिन पुलिस की छानबीन

तीसरे दिन, अभिमन्यु के पास एक अनजान फोन आया। दूसरी तरफ से पूछा गया, "क्या आपका कुछ खोया है?" पहले तो उन्हें लगा कि कोई मज़ाक कर रहा है, लेकिन जब पता चला कि फोन करने वाला दुबई पुलिस का एक अधिकारी है, तो उन्होंने सच बता दिया। बाद में पुलिस स्टेशन पहुंचने पर अभिमन्यु को पता चला कि बिना शिकायत के ही उनका सोना कैसे वापस मिला।

पुलिस की ज़बरदस्त कार्रवाई

कचरा उठाने वाले एक कर्मचारी को कचरा अलग करते समय सोने वाली थैली मिली। यह समझते ही कि उसमें सोना है, वह उसे दुबई के गोल्ड सूक में ले गया, जो खोई हुई कीमती चीज़ें जमा करने की आधिकारिक जगह है। इसके बाद, पुलिस अधिकारियों को जानकारी मिली और उन्होंने कर्मचारी से पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि उसे सोना कचरे से मिला है। कचरा कलेक्शन के रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके, पुलिस ने उस बिल्डिंग की पहचान की, जहां से सोने वाली थैली मिली थी। बिल्डिंग के सुरक्षा कैमरों की मदद से पुलिस ने अभिमन्यु का फ्लैट ढूंढ निकाला और सोना उन्हें सौंप दिया।

बिना किसी FIR के, खोए हुए सोने को सिर्फ तीन दिनों में उसके असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए दुबई पुलिस की ईमानदारी की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है। इस घटना ने साबित कर दिया कि दुबई में कानून का कितनी सख्ती से पालन होता है और वहां का सिस्टम कितना शानदार काम करता है।