मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन में देश का नंबर-1 राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। केज कल्चर नीति, फॉर्म पॉन्ड मॉडल, सीड प्रोडक्शन और एक्वाकल्चर गतिविधियों को बढ़ावा देकर मछुआरों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम किया जाएगा।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों और मछुआरों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब लक्ष्य यह है कि आने वाले वर्षों में मत्स्य उत्पादन को भी दोगुना किया जाए और इस क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान मिले।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। मछली पालन के साथ-साथ एक्वाकल्चर गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसा मजबूत इको सिस्टम तैयार किया जाएगा जिससे मछुआरों को बेहतर आमदनी और स्थायी आर्थिक सशक्तिकरण मिल सके। ये निर्देश उन्होंने मंत्रालय में आयोजित मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन में नंबर-1 राज्य बनाने की कार्य योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मछुआ सम्मेलन आयोजित कर उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही सीड प्रोडक्शन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि मत्स्य उत्पादन में तेजी लाई जा सके। प्रदेश में संचालित मत्स्य महासंघ के बेहतर और सुव्यवस्थित उपयोग के लिए भी ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।
फॉर्म पॉन्ड मॉडल और एक्वाकल्चर गतिविधियों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में भू-जल स्तर कम है, वहां फॉर्म पॉन्ड मॉडल के माध्यम से मत्स्य उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए एक जिले को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। इस मॉडल जिले में मछली पालन के साथ-साथ सिंघाड़ा, कमल गट्टा, मखाना और अन्य एक्वाकल्चर आधारित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाए। इससे किसानों और मछुआरों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
केज कल्चर नीति और मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश केज कल्चर नीति पर काम किया जा रहा है। इसके तहत 10 हजार केज हितग्राही आधारित योजना में और 90 हजार केज उद्यमी मॉडल के तहत तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। भोपाल में प्रस्तावित विशेष प्रोजेक्ट ‘इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क एंड रिसर्च सेंटर’ के बारे में भी प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने संभाग स्तर पर मछली घर (फिश हाउस) स्थापित करने की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
विभागीय योजनाओं की समीक्षा और प्रमुख परियोजनाएं
बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना और भारत सरकार द्वारा स्वीकृत विशेष प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके अलावा केज कल्चर (इंदिरा सागर जलाशय), टेक्नोलॉजी डिफ्यूजन सेंटर, रिजर्वायर क्लस्टर आधारित मत्स्य पालन और समन्वित मछली घर एवं अनुसंधान केंद्र की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। बैठक में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


