CM Helpline 1076 Employees Protest: लखनऊ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से जुड़े करीब 200 कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि 15 हजार रुपये का वादा किया गया था, लेकिन 7-8 हजार ही मिल रहे हैं और दो महीने से सैलरी भी नहीं मिली है।

Lucknow Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों ने अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें तय वेतन नहीं दिया जा रहा और पिछले दो महीनों से सैलरी भी रोकी जा रही है। करीब 200 कर्मचारी गोमतीनगर स्थित साइबर टावर से मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर मार्च निकालने लगे। हालांकि रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

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साइबर टावर से निकला कर्मचारियों का मार्च

जानकारी के अनुसार, सीएम हेल्पलाइन 1076 में काम करने वाले कर्मचारी गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे गोमतीनगर स्थित साइबर टावर पर इकट्ठा हुए। यहां से सभी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए लोहिया पथ के रास्ते मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि वे सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं।

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वेतन को लेकर कर्मचारियों का आरोप

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नौकरी देते समय 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। लेकिन वास्तविकता में उन्हें केवल 7 से 8 हजार रुपये ही मिल रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से उनकी सैलरी भी रोक दी गई है। ठेकेदार के माध्यम से कई बार वेतन बढ़ाने और बकाया भुगतान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

एक कर्मचारी ने भावुक होकर कहा कि हेल्पलाइन ऑफिस में काम के दौरान उनके फोन भी जमा करा लिए जाते हैं और लंबे समय तक काम करना पड़ता है, लेकिन उसके बदले में उचित वेतन नहीं दिया जा रहा।

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पुलिस ने रोका, सड़क किनारे हटाया

जब कर्मचारी साइबर टावर से आगे बढ़ते हुए लोहिया पार्क की ओर पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें कई बार रोकने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने चार बार कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे आगे बढ़ते रहे। इसके बाद संगीत नाटक अकादमी के पास बैरिकेडिंग कर दी गई। जब कर्मचारी रुकने को तैयार नहीं हुए तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक सड़क किनारे कर दिया। इस दौरान कुछ कर्मचारियों को घसीटकर हटाने के वीडियो भी सामने आए हैं।

आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि कम वेतन और अनियमित भुगतान के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी किराया, परिवार और रोजमर्रा के खर्च तक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने मजबूर होकर सड़क पर उतरने का फैसला लिया।

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संवेदनशील विभाग में काम करने वालों की स्थिति पर सवाल

सीएम हेल्पलाइन 1076 उत्तर प्रदेश सरकार की एक अहम जनसेवा योजना है, जहां आम नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं। ऐसे संवेदनशील विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों की यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में प्रशासन और संबंधित कंपनी क्या कदम उठाती है और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कब तक होता है।

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