19 मिनट 34 सेकंड वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई अफवाहें फैल रही हैं। यह वीडियो फर्जी या AI डीपफेक हो सकता है। विशेषज्ञों ने साइबर फ्रॉड और मैलवेयर के खतरे से सावधान रहने की सलाह दी है।

19 Minute 34 Second Viral Video Latest Update: पिछले कुछ महीनों से इन्फ्लुएंसर सोफिक एसके और उनकी पार्टनर सोनाली दुस्तु का नाम काफी सुर्खियों में है। इंटरनेट पर '19 मिनट 34 सेकंड वीडियो' खूब सर्च किया जा रहा है। दावा है कि यह कपल का पर्सनल वीडियो है, जिसे धोखे से वायरल किया गया है। इस खबर ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी और इसके साथ ही कई अफवाहें भी फैलने लगीं।

सोनाली की मौत की खबर: क्या है सच्चाई?

इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई कि सोनाली दुस्तु ने आत्महत्या कर ली है। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद निकला है। असल में इस तरह की खबरें सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए बनाई जाती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों इन्फ्लुएंसर सुरक्षित हैं और उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना ली है।

AI डीपफेक का शक: वीडियो कितना असली?

डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि वायरल वीडियो AI डीपफेक तकनीक से बनाया गया हो सकता है। इस तकनीक में किसी का चेहरा किसी दूसरे वीडियो पर लगाया जाता है, जिससे वीडियो असली जैसा नजर आता है, जबकि हकीकत में ऐसा होता नहीं है। इसके अलावा वीडियो के 'पार्ट 2' या 'पार्ट 3' जैसे दावे भी पूरी तरह फर्जी हैं। असल में ऐसे किसी और वीडियो का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है।

फर्जी लिंक और साइबर खतरा: यूजर्स के लिए बड़ा जोखिम

सोशल मीडिया पर इन दिनों हैकर्स बहुत एक्टिव हैं। वे फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर 19 मिनट 34 सेकंड 'फुल वीडियो देखने के लिए क्लिक करें' जैसे आकर्षक मैसेज के साथ फर्जी लिंक शेयर कर रहे हैं। जैसे ही कोई शख्स इन संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है, उसके डिवाइस में एक मैलवेयर आ सकता है। इसके अलावा पर्सनल फोटो और डेटा चोरी होने का भी खतरा है। यहां तक कि आपकी सीक्रेट डिटेल्स और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक खतरे में पड़ सकती है। इसलिए ऐसे लिंक से दूर रहना बेहद जरूरी है।

निजी वीडियो शेयर करना अपराध: क्या कहता है कानून

अगर कोई व्यक्ति ऐसे वीडियो को सर्च करता है या दूसरों को भेजता है, तो वह कानूनी मुसीबत में पड़ सकता है। IT एक्ट की धारा 67 के तहत 3 साल तक की जेल, ₹5 लाख तक जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा आर्टिकल 67A के तहत पहली बार में 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक जुर्माना हो सकता है। साथ ही अश्लील सामग्री फैलाने और प्राइवेसी उल्लंघन पर कड़ा एक्शन लिया जा सकता है।

डिजिटल सेफ्टी: कैसे रहें सुरक्षित?

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
  • “लीक वीडियो” वाले लिंक से दूर रहें
  • अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें
  • दूसरों की प्राइवेसी का सम्मान करें

डिस्क्लेमर: जानकारी की पुष्टि जरूरी

यह जानकारी सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है और इसका उद्देश्य सिर्फ डिजिटल सेफ्टी के प्रति लोगों को अवेयर करना है। किसी भी वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है। यह AI डीपफेक भी हो सकता है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ऑफिशियल सोर्सेज से जानकारी जरूर लें।