Kanpur Auto Robbery Gang Busted: कानपुर में ऑटो से महिलाओं को निशाना बनाने वाली लुटेरी गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत CCTV और सर्विलांस से 3 आरोपी गिरफ्तार, करीब 5 लाख का सामान बरामद। जानिए कैसे करते थे वारदात।

UP Crime News: कानपुर में महिलाओं को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गैंग का खुलासा हुआ है। यह गैंग इतनी चालाकी से वारदात को अंजाम देता था कि पीड़ितों को देर तक समझ ही नहीं आता था कि उनके साथ चोरी हो चुकी है। लेकिन पुलिस के ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ ने इस संगठित गिरोह की पूरी कहानी सामने ला दी है।

सवारी नहीं, जाल था ऑटो का सफर

जांच में सामने आया है कि यह गैंग ऑटो में सवारी के बहाने महिलाओं को बैठाता था और फिर मौका देखकर उनके बैग से नकदी और कीमती सामान पार कर देता था। इस पूरे खेल में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ऑटो चालक खुद इस गैंग का हिस्सा था। यानी जिस ऑटो पर बैठकर महिलाएं खुद को सुरक्षित समझती थीं, वही उनके लिए जाल साबित हो रहा था।

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एक घटना से खुला पूरा नेटवर्क

मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला यात्री ने शिकायत दर्ज कराई कि ऑटो में सफर के दौरान उसके बैग से 25 हजार रुपये नकद, झुमकी और अंगूठियां चोरी हो गईं। शुरू में यह एक सामान्य चोरी का मामला लग रहा था, लेकिन पुलिस ने जब गहराई से जांच शुरू की तो एक बड़े गैंग का खुलासा हुआ।

‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ बना गेमचेंजर

ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस ने 500 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी विश्लेषण और सर्विलांस का सहारा लिया गया। इसी डिजिटल जांच ने गैंग की गतिविधियों को ट्रैक करने में अहम भूमिका निभाई और आखिरकार पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।

तीन शातिर गिरफ्तार, कई वारदातों का खुलासा

नौबस्ता थाना पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग लंबे समय से महिलाओं को निशाना बना रहा था और कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस के अनुसार, गैंग बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था और हर वारदात के बाद तुरंत लोकेशन बदल देता था, जिससे पकड़ में आना मुश्किल हो जाता था।

5 लाख की बरामदगी, स्कूटी तक खरीदी गई

पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया है। इसमें नकदी, जेवर और अन्य कीमती सामान शामिल है। कुल बरामदगी करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। इतना ही नहीं, चोरी के पैसों से खरीदी गई एक्टिवा स्कूटी भी पुलिस ने जब्त कर ली है, जिसका इस्तेमाल गैंग अन्य गतिविधियों में करता था।

इस पूरे मामले पर दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगातार निगरानी और तकनीकी जांच से इस गैंग का पर्दाफाश संभव हो सका। उन्होंने लोगों, खासकर महिला यात्रियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन में सफर करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

तकनीक और सतर्कता से टूटा अपराध का नेटवर्क

कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, तकनीक और सतर्क जांच के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकता। हालांकि यह घटना एक चेतावनी भी है कि रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले साधारण साधनों के जरिए भी अपराधी बड़े स्तर पर वारदात को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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