सार

First Holi for Newlywed Bride: शादी के बाद पहली होली लड़की को ससुराल में नहीं मनाने के लिए कहा जाता है। होली का त्योहार आते ही लड़कियां मायके चली जाती है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह।

 

New Brides Avoid First Holi in In-laws house: देवर के लिए होली भाभी के साथ खेलना खास होता है, वहीं साली का जीजा जी के साथ। लेकिन भैया की जब शादी होती है तो भाभी की पहली होली ससुराल में नहीं बल्कि मायके में होती है। तो देवर को भाभी के साथ पहली होली खेलना नसीब नहीं होता। लेकिन साली का सपना पूरा होता है। दामाद जी की पहली होली ससुराल में होती है और साली के संग जमकर रंग खेलते हैं। सवाल है कि आखिर ये परंपरा क्यों निभाई जाती है। इसके पीछे की वजह क्या है?

सबसे पहले इसके पीछे की पौराणिक कथा जानते जो होलिका से जुड़ी हुई है। प्रह्लाद को जलाने के लिए होलिका एक दिव्य वस्त्र ओढ़कर आग में बैठी थी। बुआ की गोद में बैठकर प्रह्लाद भगवान विष्णउ का नाम जप रहे थे। इस दौरान होलिका के देह से दिव्य वस्त्र हटकर भक्त प्रह्लाद के ऊपर आ गया और वह बच गए। जबकि होलिका जलकर भस्म हो गई। कहा जाता है कि जिस दिन होलिका आग में जली उसी दिन उसकी शादी होनी थी। इलोज के साथ विवाह होना था। बेटे की बारात लेकर इलोजी की मां होलिका के घर पहुंची लेकिन उसकी चिता जलते देखकर बेसुध हो गई। बेटे का घर बसने से पहले ही उजड़ गया था। जिससे वो प्राण त्याग दीं। बस तभी से प्रथा चला आ रही है कि नई बहू को ससुराल में पहली होली (Holi 2025)  नहीं देखनी चाहिए।

बहू को पहली होलिका दहन सास के साथ नहीं देखनी चाहिए?

कहा जाता है कि अगर बहू ससुराल में होलिका दहन देखती है तो घर में कलह की शुरुआत हो जाती है। सास-ससुर के साथ रिश्ते बिगड़ जाते हैं। दूसरा अगर कारण जानें तो होली एक ऐसा फेस्टिवल है जहां पर हर किसी को सहज होना चाहिए। शादी के बाद दुल्हन पूरी तरह ससुराल में कंफर्टेबल नहीं हो पाती है।उसे हर रिश्ते को समझने और घुलने-मिलने में समय लगता है। इसलिए पहले साल उसे मायके में रहकर आराम से त्योहार मनाने का मौका दिया जाता है।

 

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मायके में बेटी-दामाद के लिए किया जाता है खास इंतजाम

होली में दामाद भी मायके की बजाय ससुराल में होली मनाने जाता है। वो अपनी पत्नी के साथ पहली होली सास-ससुर, साला-साली के साथ मनाता है। दामाद और बेटी के स्वागत के लिए होली पर खास इंतजाम किए जाते हैं। कहा जाता है कि पहली होली दामाद ससुराल में मनाएं तो वैवाहिक जीवन में खुशियां आती है।