तापसी पन्नू ने एक पॉडकास्ट में साउथ इंडस्ट्री में 'पैडेड ब्रा' पहनने के लिए मजबूर किए जाने का खुलासा किया। उन्होंने इसे महिलाओं को वस्तु की तरह देखना बताया। इस बयान पर उन्हें मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है।
एक्ट्रेस तापसी पन्नू की फिल्म 'अस्सी' (Assi) की रिलीज़ के बीच उनका एक पॉडकास्ट क्लिप वायरल हो गया है। इसमें उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सेट पर हुए अपने कुछ असहज अनुभवों के बारे में बताया है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं, तो कुछ उनकी आलोचना भी कर रहे हैं। तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) की नई फिल्म 'अस्सी' 20 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई है। यह फिल्म महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध और न्याय की लड़ाई पर आधारित है। इसमें तापसी 'रवि' नाम की एक दमदार वकील का किरदार निभा रही हैं। डायरेक्टर अनुभव सिन्हा की यह फिल्म 'मुल्क' और 'थप्पड़' की तरह ही समाज की कड़वी सच्चाई दिखाती है।
सेट का कड़वा सच तापसी ने बताया
फिल्म रिलीज़ के बाद तापसी ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों की मुश्किलों का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि गानों की शूटिंग के दौरान उनसे अक्सर 'पैडेड ब्रा' (Padded Bra) पहनने के लिए कहा जाता था। यह मांग सीधे डायरेक्टर से नहीं आती थी, बल्कि एक चेन के ज़रिए पहुंचती थी। डायरेक्टर असिस्टेंट डायरेक्टर को कहते, वो स्टाइलिस्ट को और फिर स्टाइलिस्ट एक्ट्रेस को यह बात बताती थीं।
क्या थी वजह?
तापसी ने बताया कि टीम को लगता था कि गानों में 'फैंटेसी' दिखाने के लिए शरीर के कुछ हिस्सों को खास तरीके से दिखाना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि यह बात सेट पर कोई राज़ नहीं रहती थी। सेट पर मौजूद पुरुष क्रू मेंबर्स यह देखने के लिए घूरते थे कि एक्ट्रेस ने पैडेड ब्रा पहनी है या नहीं। तापसी ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत शर्मनाक और अजीब होता था।" अगर कोई एक्ट्रेस पैडेड ब्रा नहीं पहनती थी, तो डायरेक्टर उसे वापस भेजकर पहनकर आने को कहते थे। तापसी ने गुस्से से कहा कि यह सिर्फ कपड़ों की बात नहीं, बल्कि महिलाओं के शरीर को एक वस्तु (Objectify) की तरह देखने और कंट्रोल करने की मानसिकता है।
तापसी की हो रही आलोचना
यह वीडियो वायरल होते ही लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने तापसी की बात से सहमति जताई, तो कई लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल किया। कई यूज़र्स ने कमेंट किया, "आपने साउथ की फिल्मों से ही नाम और पैसा कमाया और अब आप उन्हीं की बुराई कर रही हैं। यह आपका दोहरापन दिखाता है।" एक यूज़र ने लिखा, "साउथ इंडस्ट्री के बिना आप कुछ भी नहीं होतीं, अपनी जड़ें मत भूलिए।" वहीं एक और ने सवाल किया, "जब मेल एक्टर्स को सिक्स-पैक बनाने के लिए कहा जाता है, तब तो कोई शिकायत नहीं करता, लेकिन महिलाओं पर बॉडी कमेंट्स होते हैं तो इतना बवाल क्यों?"
इंडस्ट्री में यह कोई नई बात नहीं
फिल्म सेट पर महिला एक्ट्रेसेज़ के साथ ऐसे बुरे अनुभव होना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले नीना गुप्ता ने बताया था कि 'खलनायक' फिल्म के गाने 'चोली के पीछे' के दौरान सुभाष घई ने उनसे पैडेड ब्रा पहनने की मांग की थी, जिससे वह नाराज़ हो गई थीं। राधिका आप्टे भी साउथ इंडस्ट्री में बॉडी शेप को लेकर होने वाले दबाव पर बात कर चुकी हैं। मीटू (Me Too) आंदोलन के बाद ऐसे मुद्दे सामने तो आए हैं, लेकिन रीजनल सिनेमा में आज भी आइटम सॉन्ग्स के नाम पर महिलाओं को सेक्शुअली दिखाने का चलन जारी है।
तापसी के सपोर्टर्स का कहना है कि वह ऐसे मुद्दों पर आवाज़ उठाकर बदलाव लाने की कोशिश कर रही हैं। उनकी फिल्म 'अस्सी' का मैसेज भी यही है। फिल्म बताती है कि "हर 80 मिनट में एक रेप केस दर्ज होता है और समाज को इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।" यह फिल्म एक सर्वाइवर के दर्द को असलियत के करीब दिखाते हुए हमारे न्याय सिस्टम की कमियों पर भी सवाल उठाती है।


