Maamla Legal Hai 2 Review: 'मामला लीगल हैं' का दूसरा सीजन एक बार फिर से लोगों को हंसाने आया है। ह्यूमर और सोशल कमेंट्री से भरपूर इस सीरीज में रवि किशन का प्रमोशन हो जाता है और जज की कुर्सी पर बैठ जाते हैं। इसके बाद की कहानी आपको काफी पसंद आने वाली है।

रवि किशन अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी सीरीज 'Maamla Legal Hai' का पार्ट 2 नेटफिलिक्स पर रिलीज हो गई है। दूसरा सीजन एक बार फिर ह्यूमर और सोशल कमेंट्री का शानदार मिक्स लेकर आया है। इस बार VD त्यागी, यानी Ravi Kishan, प्रमोशन पाकर जज की कुर्सी पर बैठते हैं। लेकिन अगर आपको लगता है कि इससे पटपड़गंज कोर्ट में सब कुछ व्यवस्थित हो जाएगा, तो आप गलत हैं, यहां पहले से ज्यादा अजीब और मजेदार हालात देखने को मिलते हैं।

सीजन की शुरुआत ही एक ग्रैंड एंट्री से होती है, जहां त्यागी अपने नए चेंबर में पूरे ड्रामे के साथ कदम रखते हैं। शपथ ग्रहण के दौरान छोटी-सी खांसी के कारण दोबारा शपथ लेने का मुद्दा, और त्यागी का इससे इनकार, यहीं से शो अपनी खास स्टाइल में सिस्टम और अहंकार पर तंज कसना शुरू कर देता है।

अजीबो-गरीब केस से निपटते हैं रवि किशन

जज बनने के बाद त्यागी के सामने आने वाले केस भी कम अजीब नहीं हैं। कहीं चूहों का मारिजुआना खाने का केस उनके सामने आता है, तो कभी बिजली से झटका देने वाले गेट का मामला। वो इन केसों को कैसे हैंडल करते हैं, वो देखना बहुत मजेदार है। वीडी त्यागी कई बार इस दुविधा में दिखते हैं कि किसी निर्दोष को सजा देना सही है या नहीं। जेंडर बायस और कंसेंट जैसे मुद्दों को भी स्मार्ट तरीके से इस शो में उठाया गया है।

और पढ़ें: Khatron Ke Khiladi 15: रोहित शेट्टी के शो के 5 फाइनल कंटेस्टेंट के नाम लीक, जानें कब शुरू होगा स्टंट गेम

कुशा कपिला और निरहुआ की एंट्री

सपोर्टिंग कास्ट इस सीजन की बड़ी ताकत बनी हुई है। निधि बिस्ट और अंजुम बत्रा की केमिस्ट्री पहले से ज्यादा देखने में मजेदार लगेगी। नैला ग्रेवाल को इस बार ज्यादा मजबूत ट्रैक मिला है। इस शो में कुशा कपिला की एंट्री होती है। इसके अलावा निरहुआ का किरदार शो में ताजगी और कॉमेडी लेकर आता है। आठ एपिसोड का यह सीजन ह्यूमर और मैसेज के बीच अच्छा बैलेंस बनाए रखता है।

वीकेंड पर मस्ट वॉच की लिस्ट में शामिल कर सकते हैं शो

कहानी हल्की-फुल्की है, लेकिन उसमें गहराई भी है। हालांकि कुछ जगहों पर शो की रफ्तार थोड़ी धीमी लगती है, लेकिन डायरेक्टर राहुल पांडे ने इसे अपने मूल अंदाज से भटकने नहीं दिया। यह शो बताता है कि सिस्टम कितना भी उलझा क्यों नहीं हो, इंसानियत और जस्टिस की गुंजाइश हमेशा बनी रहतीहै। इस वीकेंड आप इस सीजन को मस्ट वॉच लिस्ट में डाल सकते हैं।

और पढ़ें: Naagin 7: प्रियंका चाहर चौधरी की 'नागिन शो' पर लग सकता है ताला! एकता कपूर को परेशान कर रही ये 2 चीजें