Shreya Sharma and Akriti Shukla UPPSC Success Story: प्रयागराज की ननद-भाभी की जोड़ी श्रेया शर्मा और आकृति शुक्ला तीसरे प्रयास में यूपीपीएससी पास कर मिसाल बन गई हैं। श्रेया शर्मा कमर्शियल टैक्स अफसर और आकृति शुक्ला डीएसपी बनेंगी। जानिए दोनों ने साथ में कैसे तैयारी की, उनकी सफलता का राज।
UPPSC Success Story: सिविल सेवा परीक्षा (UPPSC) की तैयारी अक्सर अकेले की जाने वाली तपस्या मानी जाती है, लेकिन प्रयागराज की ननद-भाभी श्रेया शर्मा और आकृति शुक्ला ने यह साबित कर दिया कि साथ मिलकर पढ़ाई करने से मुश्किल रास्ता भी आसान बन सकता है। दोनों ने न सिर्फ एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया, बल्कि अपने सपनों को हकीकत में बदलकर एक नई कहानी लिखी। जानिए ननद-भाभी की जोड़ी श्रेया शर्मा और आकृति शुक्ला UPPSC सक्सेस स्टोरी और प्रिपरेशन स्ट्रेटजी।
श्रेया शर्मा: तीसरे प्रयास में मिली सफलता, अब कमर्शियल टैक्स अफसर
श्रेया शर्मा ने यूपीपीएससी की परीक्षा अपने तीसरे प्रयास में पास की। इससे पहले उन्होंने एक मेंस और एक इंटरव्यू दे चुकी थीं। श्रेया की फैमिली में उनके पिता संजय शर्मा रेलवे में काम करते हैं और मां निर्मला शर्मा घर संभालती हैं। उनके पति अमित शुक्ला एआई इंजीनियर हैं। श्रेया को कमर्शियल टैक्स कैडर में 37वीं रैंक मिली है और अब वे कमर्शियल टैक्स अफसर के पद पर तैनात होंगी। वे बताती हैं कि उनका हमेशा से सपना सिविल सर्विस में काम करने का था, लेकिन शादी के बाद ननद आकृति शुक्ला के साथ पढ़ाई करने का अवसर मिला, जिसने उनकी तैयारी को नया मुकाम दिया।
आकृति शुक्ला: डिप्टी एसपी बनकर दिखाया दम
आकृति शुक्ला ने पीपीएस कैडर में डिप्टी एसपी के रूप में जगह बनाई। यह भी उनका तीसरा प्रयास था। प्रयागराज की रहने वाली आकृति बताती हैं कि संघर्ष के दौरान कई बार उन्होंने तैयारी छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन जब श्रेया उनके घर आईं और दोनों ने साथ पढ़ाई शुरू की, तो माहौल पूरी तरह बदल गया।
साथ में तैयारी ननद-भाभी की UPPSC सफलता का फार्मूला
आकृति के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे के नोट्स शेयर करती थीं और साथ बैठकर कठिन टॉपिक्स को आसान बनाती थीं। उनके बड़े पापा शेषधर शुक्ला, जो खुद पीसीएस से रिटायर्ड हैं, ने आकृति को सही दिशा दिखाकर दोबारा प्रेरित किया। श्रेया और आकृति की यह कहानी दिखाती है कि परिवार का सहयोग और साथ में मेहनत करना किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी है। दोनों ने साबित किया कि सिविल सेवा का सपना अकेले नहीं, बल्कि साथ मिलकर भी साकार किया जा सकता है। इनकी सफलता न सिर्फ यूपीपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब एक-दूसरे का सहारा हो, तो कठिन से कठिन चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है।
पति बोले- मम्मी-पापा ने बहू को बेटी समझा
दोनों की सफलता पर उनके परिवार ने भी खुशी जताई। श्रेया और आकृति के पति ने मीडिया को बताया कि परिवार ने दोनों बहुओं को अपनी बेटी की तरह सम्मान दिया और उनका हौसला बढ़ाया।


