1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा, जो सैलरीड और बिजनेस को प्रभावित करेगा। मुख्य बदलावों में PF में 7.5 लाख से अधिक योगदान, कंपनी के घर-गाड़ी पर टैक्स और गिफ्ट पर ₹15,000 तक की छूट शामिल है।

दशकों पुराने 1961 के इनकम टैक्स कानून की जगह 1 अप्रैल 2026 से नया कानून लागू हो जाएगा। ये नए नियम सैलरी पाने वाले कर्मचारियों, मिडिल क्लास और बिजनेस करने वालों पर बड़ा असर डालेंगे। हर टैक्सपेयर को इन 10 बड़े बदलावों के बारे में जरूर जानना चाहिए:

1. नया कानून 2026-27 वित्तीय वर्ष से होगा लागू

नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका मतलब है कि यह वित्तीय वर्ष 2026-27 और असेसमेंट ईयर 2027-28 से आप पर लागू होगा।

2. PF में 7.5 लाख से ज़्यादा योगदान पर टैक्स

अब कंपनी की तरफ से आपके रिटायरमेंट फंड्स में दिए जाने वाले योगदान पर टैक्स का नया नियम आ रहा है। अगर आपकी कंपनी प्रोविडेंट फंड (PF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और सुपरएनुएशन फंड में मिलाकर एक साल में 7.5 लाख रुपये से ज़्यादा जमा करती है, तो इस अतिरिक्त रकम पर आपको टैक्स देना होगा। इतना ही नहीं, इस अतिरिक्त रकम से होने वाली कमाई पर भी टैक्स लगेगा।

3. कंपनी के दिए घर पर टैक्स का नया हिसाब

अगर कंपनी ने आपको रहने के लिए घर दिया है, तो उस पर लगने वाले टैक्स का कैलकुलेशन अब शहर की आबादी के हिसाब से होगा। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए यह इस तरह होगा:

  • 40 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों में: सैलरी का 10%
  • 15 लाख से 40 लाख के बीच आबादी वाले शहरों में: सैलरी का 7.5%
  • बाकी जगहों पर: सैलरी का 5%
  • अगर कर्मचारी किराए के तौर पर कोई रकम देता है, तो उसे इस अमाउंट से घटा दिया जाएगा।

4. अगर कंपनी ने किराए पर घर लेकर दिया है

बड़े शहरों में अक्सर कंपनियां कर्मचारियों के लिए फ्लैट या घर किराए पर लेती हैं। ऐसे में, कंपनी की तरफ से दिए गए असली किराए या कर्मचारी की सैलरी का 10% - इन दोनों में से जो भी कम होगा, उसी रकम को टैक्स कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

5. कंपनी की गाड़ी इस्तेमाल करने पर टैक्स

जो कर्मचारी कंपनी की कार को ऑफिस और पर्सनल, दोनों कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं, उनके टैक्स की गणना के लिए नए कानून में फिक्स रकम तय की गई है:

  • 1.6 लीटर इंजन कैपेसिटी तक की कारों के लिए: 5,000 रुपये प्रति महीना।
  • 1.6 लीटर से ज़्यादा कैपेसिटी वाली कारों के लिए: 7,000 रुपये प्रति महीना।
  • अगर कंपनी ड्राइवर भी देती है: तो 3,000 रुपये प्रति महीना और जोड़े जाएंगे।

6. गिफ्ट पर अब सिर्फ़ 15,000 रुपये की छूट

त्योहारों या खास मौकों पर कंपनी से मिलने वाले गिफ्ट या गिफ्ट वाउचर पर एक वित्तीय वर्ष में सिर्फ 15,000 रुपये तक की ही टैक्स छूट मिलेगी। अगर गिफ्ट की कीमत 15,000 रुपये से ज़्यादा हुई, तो पूरी रकम पर टैक्स देना पड़ेगा।

7. ऑफिस में खाने पर 200 रुपये तक छूट

ऑफिस के समय में कंपनी की तरफ से मिलने वाले फ्री खाने पर टैक्स छूट जारी रहेगी। लेकिन शर्त यह है कि एक टाइम के खाने की कीमत 200 रुपये से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। यह नियम ऑफिस कैंटीन और मील वाउचर, सब पर लागू होगा।

8. कंपनी से मिलने वाला लोन

अगर आपने अपनी कंपनी से 2 लाख रुपये तक का लोन लिया है या किसी खास इलाज के लिए लोन लिया है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन इससे ज़्यादा के लोन पर, SBI की समान लोन पर जो ब्याज दर होगी, उसके आधार पर टैक्स की गणना की जाएगी।

9. टैक्स-फ़्री इनकम वाले निवेश

जिन निवेशों से होने वाली कमाई टैक्स-फ़्री होती है, उनसे जुड़े खर्चों की गणना कैसे होगी, यह नए कानून में साफ किया गया है। इसके लिए औसत सालाना निवेश मूल्य का 1% खर्च माना जाएगा। हालांकि, यह रकम टैक्सपेयर द्वारा क्लेम किए गए कुल खर्च से ज़्यादा नहीं हो सकती।

10. विदेशी डिजिटल कंपनियों पर भी टैक्स

भारत में बड़ा कारोबार करने वाली विदेशी डिजिटल कंपनियों को भी नए कानून के तहत टैक्स के दायरे में लाया गया है। अगर किसी विदेशी कंपनी का भारतीय ग्राहकों के साथ लेनदेन 2 करोड़ रुपये से ज़्यादा है, या भारत में उसके 3 लाख से ज़्यादा यूज़र्स हैं, तो उसे भारत में टैक्स देना होगा।