पेट्रोल पंप पर टंकी फुल कराने की जिद पड़ सकती है भारी, जानें चौंकाने वाला वैज्ञानिक कारण
Petrol Tank Full Risks: बहुत से लोग पेट्रोल पंप पर जाकर बड़े गर्व से कहते हैं, 'भाई, टंकी फुल कर दो।' उन्हें लगता है कि बार-बार पंप आने से बच जाएंगे और पेट्रोल के बढ़ते दामों से भी राहत मिलेगी। लेकिन यही जिद भारी भी पड़ सकती है। जानिए वैज्ञानिक कारण

पेट्रोल को फैलने के लिए चाहिए जगह
विज्ञान का सीधा नियम है कि तरल पदार्थ (Liquids) तापमान बढ़ने पर फैलते हैं। पेट्रोल पंप के अंदर तेल ठंडे अंडरग्राउंड टैंक में होता है, लेकिन जैसे ही वह आपकी गाड़ी की टंकी में आता है और बाहर की गर्मी के संपर्क में आता है, वह फैलने (Expand) लगता है। अगर आपने टंकी बिल्कुल ऊपर तक भरवा ली है, तो पेट्रोल को फैलने के लिए जगह नहीं मिलेगी, जिससे टैंक के अंदर दबाव (Pressure) बढ़ जाएगा।
'इवेपोरेटिव एमिशन सिस्टम' का दम घुट जाता है
आजकल की सभी गाड़ियों में एक EVAP (Evaporative Emission System) लगा होता है। इसका काम पेट्रोल से निकलने वाली वाष्प (Vapors) को सोखना और उसे इंजन में भेजकर जलाना होता है। जब आप टंकी फुल करा लेते हैं, तो यह सिस्टम वाष्प की जगह सीधे लिक्विड पेट्रोल सोखने लगता है। इससे सिस्टम का 'चारकोल कैनिस्टर' खराब हो सकता है, जिसे ठीक कराने में हजारों का खर्चा आता है।
वजन बढ़ेगा, तो माइलेज गिरेगा
यह एक सीधा गणित है। जितना ज्यादा पेट्रोल, उतना ज्यादा गाड़ी का वजन। अगर आप हमेशा फुल टैंक रखते हैं, तो गाड़ी पर अतिरिक्त भार रहता है, जिससे इंजन को उसे खींचने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। नतीजा, आपकी गाड़ी का माइलेज कम हो जाता है। यानी आप पेट्रोल बचाने के चक्कर में ज्यादा पेट्रोल फूंक रहे होते हैं।
लीकेज और आग का खतरा
टंकी को ऊपर तक भरने से पेट्रोल के ओवरफ्लो होने का खतरा रहता है। अगर गाड़ी धूप में खड़ी है और पेट्रोल फैलकर बाहर निकलता है, तो पेंट खराब होने के साथ-साथ आग लगने का भी डर बना रहता है। पेट्रोल के ढक्कन में एक छोटा सा छेद (Vent) होता है, जो गैस बाहर निकालने के लिए होता है, फुल टैंक होने पर वहां से लिक्विड रिसने लगता है।
सही तरीका क्या है?
एक्सपर्ट्स और ऑटोमोबाइल इंजीनियर्स की मानें तो गाड़ी की टंकी को हमेशा आधा या तीन-चौथाई (3/4th) ही भरना चाहिए। इससे पेट्रोल को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है, वाष्प का दबाव सही बना रहता है और गाड़ी का वजन भी संतुलित बना रहता है।
नई कार, बाइक, EV लॉन्च, कीमत, माइलेज और फीचर्स की जानकारी अब सरल भाषा में पाएं। ऑटो इंडस्ट्री ट्रेंड्स, टेस्ट ड्राइव रिव्यू और खरीद गाइड्स के लिए Auto News in Hindi सेक्शन पर जाएं। ऑटोमोबाइल दुनिया की हर बड़ी अपडेट — पहले और भरोसे के साथ।

