उत्तर प्रदेश में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण तेजी से चल रहा है। गाजीपुर, हापुड़, संभल, शामली और चंदौली में बनने वाले इन स्टेडियमों से खिलाड़ियों को अपने जिले में ही आधुनिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
लखनऊ। Yogi Adityanath सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास को लेकर लगातार बड़े फैसले ले रही है। प्रदेश को जल्द ही 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम मिलने वाले हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने ही जिले में बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार खेल विभाग के जरिए खेल अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
गाजीपुर, चंदौली, हापुड़, संभल और शामली में स्टेडियम निर्माण
प्रदेश में इस समय 71 जिलों में कुल 84 स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालित हैं। इसके साथ ही 5 नए स्टेडियम का निर्माण तेजी से जारी है। इनमें:
- Ghazipur में नया (द्वितीय) स्टेडियम
- Chandauli में स्पोर्ट्स स्टेडियम
- Hapur में स्पोर्ट्स स्टेडियम
- Sambhal में स्पोर्ट्स स्टेडियम
- Shamli में स्पोर्ट्स स्टेडियम
इन स्टेडियमों के बनने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा।
स्टेडियम निर्माण की प्रगति: कहां कितना काम पूरा
निर्माण कार्य की प्रगति की बात करें तो:
- गाजीपुर में स्टेडियम लगभग 99.9% पूरा हो चुका है, कुछ छोटे कार्य बाकी हैं
- हापुड़ में करीब 70% काम पूरा हो चुका है
- संभल में लगभग 26% निर्माण कार्य हुआ है
- शामली में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है
- चंदौली में टेंडर प्रक्रिया अभी जारी है
गाजीपुर को छोड़कर बाकी चार जिलों में स्टेडियम निर्माण को वर्ष 2025-26 में मंजूरी मिली है। निर्माण पूरा होने और हैंडओवर के बाद ही इनका उद्घाटन किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए स्पोर्ट्स स्टेडियम
योगी सरकार सिर्फ स्टेडियम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस भी कर रही है। इन स्टेडियमों में यह सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सके:
- मल्टीपर्पज हॉल
- स्विमिंग पूल
- बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट
- वॉलीबॉल कोर्ट
- जिम
- हॉकी और फुटबॉल मैदान
- एथलेटिक्स ट्रैक
खिलाड़ियों को अपने जिले में मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण
खेल निदेशक Dr. RP Singh के अनुसार, सरकार खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इन 5 नए स्टेडियमों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन स्टेडियमों के तैयार होने के बाद खिलाड़ियों को अपने ही जिले में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उन्हें बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।


