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Shahjahanpur: 2 लाख का ब्याज 2 हजार प्रतिदिन-सुसाइड नोट में सचिन ग्रोवर ने बताया 3 मौतों का जिम्मेदार कौन?
Shahjahanpur Family Suicide: क्या सचिन ग्रोवर और पत्नी ने कर्ज और धोखे के दबाव में अपने 4 साल के मासूम बेटे की जान ले ली? 12 पन्नों के सुसाइड नोट ने खोल दिया परिवार की हताशा और 30% ब्याज का भयानक सच। हरियाणा और यूपी के बिजनेस पर सवाल खड़े कर दिए!
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मासूम की मौत और 12 पन्नों का सुसाइड नोट
Shahjahanpur businessman Suicide Case: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कारोबारी सचिन ग्रोवर और उनकी पत्नी शिवांगी ने 4 साल के बेटे फतेह को जहर देकर मार डाला और फिर फंदे से लटककर अपनी जिंदगी भी समाप्त कर ली। परिवार के 12 पन्नों वाले सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी, धोखे और कर्ज की कहानी सामने आई।
कैसे आर्थिक तंगी ने परिवार को बर्बाद किया?
सचिन ग्रोवर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि लॉकडाउन और व्यापार की वजह से उनके ऊपर भारी कर्ज हो गया। फैक्ट्री, घर और गहने गिरवी थे। उन्होंने बताया कि परिवार और दोस्तों से कोई मदद नहीं मिली, जिससे मानसिक दबाव और हताशा बढ़ी।
4 साल के बच्चे को क्यों बनाया अंत का हिस्सा?
सचिन और शिवांगी ने अपने बेटे फतेह को जहर खिलाकर मार डाला। सुसाइड नोट में सचिन ने लिखा कि वह और उनकी पत्नी अपने बच्चे को बर्बाद होने से बचाना चाहते थे, लेकिन आर्थिक और मानसिक दबाव ने उन्हें यह भयानक कदम उठाने पर मजबूर किया।
कितनी बड़ी थी आर्थिक दिक्कत?
सचिन ने सुसाइड नोट में लिखा कि उन्होंने अपने घर को बचाने के लिए बैंक से कर्ज लिया। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने दोस्त से 2 लाख रुपए उधार लिए, जिसके बदले हर दिन 2,000 रुपए ब्याज चुकाने पड़ रहे थे। परिवार में भाई गौरव और चाचा पवन ने उनका साथ नहीं दिया। गौरव ने घर बेचने के लिए दबाव डाला।
कौन बना अंतिम त्रासदी का जिम्मेदार?
सचिन ने अपने भाई गौरव, चाचा पवन और अन्य रिश्तेदारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने मानसिक और आर्थिक तौर पर परेशान किया। बड़े भाई रोहित को काम पर रखा, लेकिन मझले भाई ने लगातार परेशान किया। सास-ससुर ने भी पर्याप्त मदद नहीं की।
30% ब्याज वाला दोस्त और धोखा
सचिन ने अपने दोस्त शैंकी आनंद पर भी आरोप लगाया कि उसने लोन दिलवाया और भारी ब्याज वसूल कर बदनाम किया। दोस्तों और रिश्तेदारों से लगातार धोखा और मानसिक प्रताड़ना ने सचिन को हताश कर दिया।
व्यापारिक फैसलों ने परिवार को कैसे प्रभावित किया?
सचिन ने शराब और निवेश के कारोबार में पैसा कमाया, लेकिन उन्हें निवेश में सफल नहीं होने दिया गया। समय मांगने पर भी लोग परेशान करते रहे। उन्होंने लिखा कि मानसिक और आर्थिक दबाव में उनका स्वास्थ्य भी खराब हुआ।
मझले भाई रोहित के लिए लिखी ये बातें
सुसाइड नोट में सचिन ने मझले भाई रोहित को सब कुछ सौंपने की बात कही। घर बेचकर कर्ज चुकाया जाए, बचा हुआ पैसा, कार, स्कूटी, मोबाइल, इंश्योरेंस सब कुछ रोहित को दे दिया जाए। उन्होंने लिखा कि शिवांगी की जिंदगी भी बर्बाद हुई।
Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। अगर आपके मन में भी सुसाइड या खुद को चोट पहुंचाने जैसे ख्याल आ रहे हैं तो आप फौरन घर-परिवार, दोस्तों और साइकेट्रिस्ट की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। आसरा (मुंबई) 022-27546669, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)। मानसिक तनाव होने पर काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800 8914416 पर संपर्क कर घर बैठे मदद पा सकते हैं।