CM Yogi Adityanath in Lakhimpur: लखीमपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों को जमीन के अधिकार दिए और मियांपुर का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने का ऐलान किया। उन्होंने विपक्षी दलों पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि अब विस्थापित परिवारों को उनका हक मिल रहा है।
लखीमपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार 11 अप्रैल को बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों को जमीन के अधिकार (भूमिधरी अधिकार पत्र) दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपने कर्मों की वजह से पहले भारत का बंटवारा कराया और अब वह खुद भी टुकड़ों में बंटने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी पर हमला करते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति का सबसे ज्यादा नुकसान हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समाज को उठाना पड़ा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मियांपुर का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने की घोषणा भी की और कहा कि अब किसी जगह की पहचान गुलामी के प्रतीकों से नहीं होगी। इस कार्यक्रम में 417 करोड़ रुपए की 213 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। साथ ही कई लोगों को चेक भी दिए गए।
हजारों परिवारों को मिला अधिकार
सीएम योगी ने बताया कि लखीमपुर खीरी में करीब 7,000 परिवारों यानी लगभग 35,000 लोगों को जमीन का अधिकार दिया गया है। पलिया के बाद अब मोहम्मदी में भी 1,000 परिवारों को यह लाभ मिलेगा। यह योजना उन परिवारों के लिए है जो 1947 और 1971 में बांग्लादेश से भारत आए थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कारण भारत का बंटवारा हुआ और बाद में पाकिस्तान के भी टुकड़े हुए। लेकिन वहां रहने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई लोगों को इसकी सजा भुगतनी पड़ी, क्योंकि वहां दूसरे धर्मों के लिए जगह नहीं है।
कांग्रेस ने अधिकार नहीं दिया- सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश ने इन लोगों को स्वीकार नहीं किया और उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। भारत आने के बाद भी कांग्रेस ने इन्हें अधिकार नहीं दिया। उनसे वोट जरूर लिए, लेकिन मालिकाना हक नहीं दिया। यहां तक कि उनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया गया, जबकि वहां एक भी 'मियां' नहीं है।
अब मियांपुर नहीं, रविंद्र नगर- योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी ने कहा कि अब इस जगह की पहचान ‘रविंद्र नगर’ के नाम से होगी, जो राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि बंगाल भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की भूमि है। राष्ट्रगान गुरुदेव ने दिया और ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (Bankim Chandra Chattopadhyay) हैं। इस साल ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं और इस मौके पर लोगों को उनकी जमीन का अधिकार मिला है।
पीएम मोदी के संकल्प से मिला अधिकार- मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के संकल्प 'सबका साथ-सबका विकास' को पूरा करने आए हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में प्रताड़ित लोग भारत को उम्मीद से देखते हैं और भारत उनके साथ खड़ा रहेगा। ये लोग सिर्फ सीमा पार करके नहीं आए थे, बल्कि अपने टूटे सपनों का दर्द भी साथ लाए थे। भारत ने उन्हें अपनाया, उनकी जाति या धर्म नहीं पूछा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास से आज उन्हें अधिकार मिला है।
समाज को बांटने वाले देशद्रोही- आदित्यनाथ
सीएम योगी ने कहा कि 1947 का विभाजन समाज के बंटवारे का परिणाम था। जो लोग जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटते हैं, वे देश के साथ विश्वासघात करते हैं। उन्होंने कहा कि पहले 1,031 परिवार यहां बसे थे, जो अब बढ़कर 5,000 से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन उन्हें अधिकार नहीं मिला था। प्रधानमंत्री मोदी ने कानून बनाकर यह अधिकार दिया, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध किया।
सपा पर जोरदार हमला
सीएम योगी ने कहा कि जब देश सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती मनाता है, तब समाजवादी पार्टी जिन्ना का महिमामंडन करती है। उन्होंने कहा कि सपा, कांग्रेस और टीएमसी ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया और दिल्ली के शाहीन बाग में लंबे समय तक प्रदर्शन हुआ। लेकिन सरकार पीछे नहीं हटी और आज उसी कानून की वजह से लोगों को अधिकार मिल रहा है।
मजहबी कट्टरता ने हिंदुओं और सिखों के सपनों को तोड़ा- सीएम
सीएम योगी ने कहा कि 1947 और 1971 में मजहबी कट्टरता ने हिंदुओं और सिखों के सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इन समुदायों पर अत्याचार होता है तो कांग्रेस, सपा और टीएमसी चुप रहती हैं, क्योंकि उनकी राजनीति तुष्टीकरण पर आधारित है।
सीएम योगी ने बताई सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बताया कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी में बसे 1,031 परिवारों को 542 हेक्टेयर जमीन का मालिक बनाने की प्रक्रिया चल रही है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में करीब 65,000 विस्थापित हिंदू और सिख रह रहे हैं, जिन्हें सरकार अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार गरीबों को आवास, शौचालय, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं भी दे रही है।
417 करोड़ रुपए के विकासकार्यों की सौगात
सीएम योगी ने बताया कि इस कार्यक्रम में 417 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ, जबकि फरवरी 2025 में 1,622 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि लखीमपुर का असली नाम ‘लक्ष्मीपुर’ है, जो समृद्धि का प्रतीक है। यहां काशी विश्वनाथ धाम की तरह कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका 65% काम पूरा हो चुका है। इससे पर्यटन और रोजगार बढ़ेगा।
प्रदेश की अब नई पहचान- योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान गुंडागर्दी और दंगों से जुड़ी थी, लेकिन अब विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़ी है। अब 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' नहीं, बल्कि 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' है। लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज बन चुका है, एयरपोर्ट का काम चल रहा है और दुधवा नेशनल पार्क पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है।
किसानों के लिए राहत
सीएम योगी ने कहा कि इस क्षेत्र में उगने वाले केतकी फूल को पहचान दिलाने के लिए सरकार ने मदद दी है। यहां मेंथा, गन्ना, धान और गेहूं की खेती होती है। हाल की बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। फसल नुकसान पर मुआवजा, जनहानि पर 24 घंटे में सहायता, पशुहानि पर तुरंत राहत और घर टूटने पर आवास योजना से मदद दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद लोग
इस दौरान कार्यक्रम में कई नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जिनमें लखीमपुर खीरी के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल, पर्यावरण एवं वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, विधायक मोहम्मदी लोकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी, विधायक कस्ता सौरभ सिंह सोनू, विधायक सदर योगेश वर्मा, विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, नगरपालिका परिषद मोहम्मदी के अध्यक्ष संदीप मल्होत्रा, नगर पंचायत मैलानी की अध्यक्ष कीर्ति माहेश्वरी शामिल रहे।


