चकदहा रैली में योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार पर कानून-व्यवस्था, विकास और संस्कृति के मुद्दों पर हमला बोला। उन्होंने ‘नए बंगाल’ के निर्माण और डबल इंजन सरकार बनने पर विकास का दावा किया।
नदिया। पश्चिम बंगाल के चकदहा में बुधवार को आयोजित जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने नदिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए इसे चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल अब बदलाव के दौर में प्रवेश करने वाला है।
मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी की सरकार पर कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दों पर सवाल उठाए और भाजपा उम्मीदवार बंकिम चंद्र घोष के समर्थन में वोट मांगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह अगर यहां भी डबल इंजन सरकार बनती है, तो विकास और सुरक्षा का नया अध्याय शुरू होगा।
'इस बार खेला खत्म'- ममता सरकार पर तीखा हमला
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कहा कि बंगाल में 7000 से ज्यादा बड़े उद्योग बंद हो चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों में 17,000 से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है और 96 लाख एमएसएमई यूनिट सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में किसान खुशहाल हैं और विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर का भी उल्लेख किया और कहा कि यह कार्य 500 वर्षों में नहीं हो पाया था। उन्होंने लोगों से अपील की कि कमल निशान पर बंकिम चंद्र घोष को इतना वोट दें कि अन्य दलों की जमानत जब्त हो जाए। उन्होंने कहा कि “ममता दीदी खेला होबे कहती हैं, लेकिन मैं कहने आया हूं कि इस बार खेल खत्म और विकास शुरू होगा।”
नदिया की आध्यात्मिक विरासत और ‘नए बंगाल’ का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदिया भारत की आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। जिस तरह उत्तर भारत में काशी का महत्व है, उसी तरह पूर्व भारत में नदिया और नवद्वीप का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि यही वह भूमि है, जहां से चैतन्य महाप्रभु ने भक्ति आंदोलन को नई दिशा दी। अब यही भूमि एक बार फिर वैष्णव परंपरा को मजबूत करने और ‘नए बंगाल’ के निर्माण का संदेश दे रही है।
भाषा और संस्कृति पर बयान: बंगाल में बांग्ला की पहचान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता बंगाल में उर्दू को बढ़ावा देने की बात करते हैं, जबकि यहां बांग्ला भाषा और संस्कृति को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 'नदिया के दिल में महाकाली हैं और आंखों में चैतन्य महाप्रभु का वास है', जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
TMC पर टेरर और माफिया राज के आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस आज टेरर, माफिया राज और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल, जो कभी देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र था, आज उद्योगों के बंद होने और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं, उत्पादन घट रहा है और राज्य में असुरक्षा का माहौल है।
राम नाम और धार्मिक आयोजनों पर भी उठाए सवाल
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदिया वैष्णव परंपरा की भूमि है, लेकिन यहां राम नाम और धार्मिक आयोजनों को लेकर भी विवाद होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा और विसर्जन के दौरान प्रतिबंध लगाए जाते हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है। उन्होंने कहा कि बंगाल ने रवींद्रनाथ टैगोर के माध्यम से राष्ट्रगान और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के माध्यम से राष्ट्रगीत दिया, लेकिन आज उसी भूमि पर अव्यवस्था और अराजकता का माहौल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पुश्तैनी परिसर पर भी कब्जा कर लिया गया है और वहां उनकी तस्वीरों को हटाकर अन्य नेताओं के चित्र लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में वर्तमान हालात में महिलाएं, व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। किसान उपेक्षित हैं और युवा निराश हैं।

