एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट 2026 जारी हुआ, जिसमें छात्राओं ने फिर शानदार प्रदर्शन किया। 12वीं का रिजल्ट 16 साल में सबसे बेहतर रहा। 10वीं में प्रतिभा सिंह सोलंकी ने टॉप किया, जबकि जनजातीय जिलों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए 15 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस साल भी दोनों परीक्षाओं में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। खास बात यह रही कि 12वीं का रिजल्ट पिछले 16 वर्षों में सबसे अच्छा रहा।
10वीं टॉपर प्रतिभा सिंह सोलंकी: 500 में से 499 अंक हासिल
हाईस्कूल परीक्षा में पन्ना जिले के गुनौर स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया। यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बनी है।
12वीं वाणिज्य वर्ग में खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने बनाई जगह
हायर सेकंडरी परीक्षा में वाणिज्य समूह की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट सूची में स्थान बनाया। दोनों छात्राओं ने 500 में से 494 अंक प्राप्त किए और शानदार प्रदर्शन किया।
जनजातीय जिलों का शानदार प्रदर्शन
इस बार के रिजल्ट में जनजातीय जिलों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी प्रतिभा और मेहनत से उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं।
CM मोहन यादव का बयान: शिक्षा नीति 2020 का दिख रहा असर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पहले एक ही परीक्षा होती थी और असफल होने पर छात्रों का पूरा साल खराब हो जाता था। लेकिन अब नई शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को दूसरा मौका दिया जाता है, जिससे उनका समय बचता है और वे आगे बढ़ पाते हैं।
नारी सशक्तिकरण की मिसाल: छात्राओं का दबदबा कायम
इस वर्ष भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने इसे नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान का सकारात्मक प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों का बेहतर परिणाम
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि इस बार ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और शासकीय विद्यालयों का प्रदर्शन खासा बेहतर रहा है। सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए बेहतर परिणाम दिए हैं।
10वीं परीक्षा 2026: आंकड़ों में पूरा रिजल्ट
इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित हुई। कुल 8,97,061 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 7,87,733 नियमित और 1,09,328 स्वाध्यायी विद्यार्थी थे।
- नियमित छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 69.31%
- छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत: 77.52%
- कुल नियमित उत्तीर्ण प्रतिशत: 73.42%
- शासकीय स्कूल: 76.80%
- अशासकीय स्कूल: 68.64%
प्रावीण्य सूची में कुल 378 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 235 छात्राएं और 143 छात्र हैं। अनूपपुर जिला पहले और अलीराजपुर दूसरे स्थान पर रहा।
पूरक परीक्षा की जगह अब ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’
इस वर्ष से पूरक परीक्षा की जगह “द्वितीय अवसर परीक्षा” शुरू की गई है। जो छात्र असफल रहे हैं या अपने अंक सुधारना चाहते हैं, वे 7 मई 2026 से होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
12वीं परीक्षा 2026: विस्तृत रिजल्ट विश्लेषण
हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च तक आयोजित हुई। कुल 6,89,746 छात्र शामिल हुए, जिनमें 6,13,634 नियमित और 76,112 स्वाध्यायी विद्यार्थी थे।
- नियमित छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 72.39%
- छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत: 79.41%
- कुल नियमित उत्तीर्ण प्रतिशत: 76.01%
- शासकीय स्कूल: 80.43%
- अशासकीय स्कूल: 69.67%
प्रावीण्य सूची में 221 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 158 छात्राएं और 63 छात्र हैं। झाबुआ जिला पहले और अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा।
फिर नहीं हुआ पूरक घोषित, दूसरा मौका मिलेगा
इस वर्ष भी किसी छात्र को पूरक घोषित नहीं किया गया है। लगभग 1,99,599 छात्र अनुत्तीर्ण रहे हैं, जिन्हें अब द्वितीय अवसर परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।


