CM Mohan Yadav: बरगी क्रूज हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जबलपुर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। बच्चों को गले लगाकर और परिजनों को सांत्वना देकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और एडवेंचर टूरिज्म के लिए नई SOP बनाई जाएगी।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी क्रूज हादसे के बाद गुरुवार को माहौल बेहद भावुक नजर आया। किसी की आंखों में अपनों को खोने का दर्द था, तो कोई अब भी उस खौफनाक रात को याद कर सहमा हुआ था। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, जहां कई तस्वीरें लोगों के दिल को छू गईं। कहीं उन्होंने छोटे बच्चों को गले लगाया, तो कहीं एक बेटी के सिर पर हाथ रखकर उसे ढांढस बंधाया। बरगी डैम हादसे के बाद मुख्यमंत्री का यह दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि दुख में डूबे परिवारों के बीच भरोसा कायम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।

“कोई परिवार खुद को अकेला न समझे”
जबलपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीधे उन परिवारों के बीच पहुंचे, जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और किसी भी पीड़ित को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री कोतवाली से दरहाई मार्ग स्थित मृतक नीतू सोनी के घर पहुंचे। यहां परिवार की बेटी अपने आंसू नहीं रोक सकी। भावुक माहौल के बीच सीएम ने उसके सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी। उन्होंने परिवार के छोटे बच्चों को गले लगाकर उनका दर्द बांटने की कोशिश की। इसके बाद मुख्यमंत्री रियाज हुसैन के घर भी पहुंचे, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गए थे।
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“मुझे लगा मैं नहीं बचूंगा”
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हादसे के दौरान रियाज हुसैन कई घंटों तक क्रूज में फंसे रहे। उनसे मुलाकात के दौरान रियाज ने कहा कि उन्हें लगने लगा था कि अब शायद उनकी जान नहीं बचेगी। सीएम ने बताया कि बरगी डैम हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत अन्य राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। जल जीवन मिशन में काम कर रहे कर्मचारियों ने भी बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बहादुरी दिखाने वालों को 51-51 हजार रुपये
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन स्थानीय लोगों की सराहना की, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाने में मदद की। उन्होंने घोषणा की कि ऐसे लोगों को 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी 2-2 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया गया है।

हादसे की होगी उच्च स्तरीय जांच
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस हादसे के दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जा रही है। इस समिति में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के महानिदेशक, मध्यप्रदेश शासन के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे। जांच में तीन मुख्य बिंदुओं पर फोकस रहेगा-
- हादसे की असली वजह क्या थी
- दुर्घटना के समय हालात कैसे बने
- सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एडवेंचर स्पोर्ट्स और क्रूज टूरिज्म के लिए बनेगी SOP
बरगी हादसे के बाद राज्य सरकार अब एडवेंचर टूरिज्म और क्रूज संचालन के नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नौका पर्यटन, क्रूज टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अलग से एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जाएगी। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील भी की।
पूरे प्रदेश को झकझोर गया हादसा
बरगी डैम में हुआ यह हादसा सिर्फ जबलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ा झटका बनकर सामने आया है। हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों और पीड़ित परिवारों की दर्दभरी कहानियों ने लोगों को भावुक कर दिया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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