सार
Sukma Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, 16 नक्सली मारे गए। ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में AK-47, INSAS और SLR जैसे हथियार बरामद। पढ़ें पूरी खबर।
Sukma Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार सुबह सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सली मारे जा चुके हैं। मारे गए नक्सलियों में कई बड़े नाम भी शामिल हैं, जिनमें डीवीसीएम केडर के जगदीश भी शामिल हैं।
बरामद हुए ये हथियार
मुठभेड़ स्थल से 10 से ज्यादा एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर जैसे ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, इस ऑपरेशन में दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के नेटवर्क पर एक और बड़ी चोट है।
कैसे हुआ ऑपरेशन?
सूत्रों के मुताबिक, माओवादियों की गतिविधियों को लेकर खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। शुक्रवार रात को जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने केरलापाल क्षेत्र में घेराबंदी शुरू की। सुरक्षाबलों को इनपुट मिला था कि इस क्षेत्र में नक्सलियों का एक बड़ा समूह छिपा हुआ है। शनिवार सुबह जैसे ही जवानों ने सर्च ऑपरेशन तेज किया, नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
2 जवान घायल
इस मुठभेड़ में दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत सुकमा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, दोनों जवानों की हालत स्थिर है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन और पुलिस इस मुठभेड़ पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
डीवीसीएम जगदीश की मौत: नक्सलियों के लिए बड़ा झटका
इस मुठभेड़ में डीवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) जगदीश का मारा जाना सुरक्षाबलों की बहुत बड़ी जीत मानी जा रही है। जगदीश लंबे समय से इलाके में नक्सली गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा था। इसके अलावा, हाल ही में 25 लाख का इनामी नक्सली सुधाकर भी सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से नक्सली संगठन पर दबाव बढ़ रहा है।