कोरबा ने 6 फरवरी 2026 को स्वच्छता शपथ अभियान में 20 मिनट में 15500 हस्ताक्षर कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। पहले 7594 हस्ताक्षर का रिकॉर्ड था। प्रशासन, नागरिकों और संगठनों की भागीदारी से यह उपलब्धि हासिल हुई।
कोरबा। 6 फरवरी 2026 का दिन कोरबा के लिए स्वर्णिम दिन के रूप में याद किया जाएगा। नगर पालिक निगम कोरबा के महासंकल्प 2026 अभियान के तहत शहर ने ऐसा कीर्तिमान बनाया है, जिसे जल्द तोड़ना आसान नहीं होगा। कोरबा ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कर विश्व स्तर पर पहचान बनाई है।
Swachhta Pledge Record: 20 मिनट में 15500 हस्ताक्षर का अनोखा रिकॉर्ड
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्वनोई ने रिकॉर्ड की घोषणा करते हुए बताया कि यह “रेयर टू रेयरेस्ट” रिकॉर्ड है। पहले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक घंटे में 7594 हस्ताक्षर का रिकॉर्ड था, जिसे कोरबा ने केवल 20 मिनट में 15500 हस्ताक्षर करके बड़े अंतर से तोड़ दिया।
Mega Cleanliness Campaign: मंत्री लखनलाल देवांगन रहे मुख्य अतिथि
एक सप्ताह की तैयारियों के बाद 280 मीटर लंबे बैनर पर स्वच्छता शपथ हस्ताक्षर अभियान आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत, एसपी सिद्धार्थ तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। महापौर संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पांडेय और सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने आयोजन की मेजबानी की।
Clean City Mission Korba: स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर वन बनने का लक्ष्य
उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि कोरबा को स्वच्छ सर्वेक्षण में देश का नंबर वन शहर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और राज्य सरकार के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए नगर निगम और नागरिकों को बधाई दी। हजारों लोगों ने इस मौके पर स्वच्छता की शपथ भी ली।
Mayor Statement Korba: मेहनत सफल, सपना हुआ साकार
महापौर संजूदेवी राजपूत ने इसे कोरबा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों की मेहनत से यह सपना साकार हुआ है और कोरबा जल्द देश का सबसे स्वच्छ शहर बनेगा। उन्होंने प्रशासन, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
Korba Municipal Commissioner Message: सामूहिक प्रयास से मिली बड़ी उपलब्धि
आयुक्त आशुतोष पांडेय ने कहा कि यह रिकॉर्ड वर्षों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम, जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं, महिला समूहों और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से यह उपलब्धि संभव हुई।
महाअभियान में हजारों लोगों और संस्थाओं की भागीदारी
इस महाअभियान में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार, वन विभाग, पुलिस, बैंक कर्मी, स्वास्थ्य विभाग, एनटीपीसी, एसईसीएल, बालको सहित कई संस्थाओं ने भाग लिया। विद्यालयों, कॉलेजों, महिला समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों ने भी सक्रिय सहभागिता दी।


