मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर्स की बैठक लेकर योजनाओं की समीक्षा की। राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध समाधान, ई-कोर्ट में दर्ज, भू-अर्जन में तेजी, किसान पंजीयन, रजत महोत्सव और सेवा पखवाड़ा की तैयारियों पर जोर दिया।

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक ली और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

लंबित राजस्व प्रकरणों पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब “पेशी पर पेशी” का सिलसिला खत्म होना चाहिए। सभी मामलों का समाधान तय समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने नामांतरण, अविवादित और विवादित बंटवारे, अभिलेख सुधार, त्रुटि संशोधन, भू-अर्जन, सीमांकन और डायवर्सन से जुड़े मामलों की जिलेवार समीक्षा की।

जनता को न हो अनावश्यक परेशानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता का समय, श्रम और पैसा बर्बाद होता है और सरकार पर से भरोसा कम होता है। इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों का समयबद्ध और न्यायसंगत समाधान करें।

ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि सभी राजस्व प्रकरण ई-कोर्ट में दर्ज किए जाएं ताकि उनकी मॉनिटरिंग आसान हो। साथ ही तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक अभियान चलाकर रिकॉर्ड दुरुस्ती और त्रुटि सुधार के काम को पूरा करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय राजमार्ग और अधोसंरचना परियोजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतमाला परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया तेज करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए।

बस्तर संभाग में सुरक्षा और विकास साथ-साथ

मुख्यमंत्री ने नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता को समय पर न्याय मिले, यही जिम्मेदार शासन की पहचान है।

किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे

मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने और डिजिटल फसल सर्वे को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

रजत महोत्सव की तैयारियां

15 अगस्त से राज्य में रजत महोत्सव शुरू हुआ है, जो 25 सप्ताह तक चलेगा। यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ को सेलिब्रेट करने के लिए मनाया जा रहा है। CM विष्णुदेव साय ने कलेक्टर्स को इसे जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सभी कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

सेवा पखवाड़ा से जुड़ा होगा रजत महोत्सव

मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा, जिसमें रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप और राजस्व कैम्प जैसे कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से हर नागरिक को जोड़ा जाए और जनसंपर्क को मजबूत किया जाए।

इस मीटिंग में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी. दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।