सार
Bihar News: दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र में पुलिस ने महिला तस्कर के घर से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की। पति फरार, लेकिन पत्नी गिरफ्तार। जानें पुलिस छापेमारी की पूरी कहानी।
Bihar News: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। पुलिस प्रशासन इस पर लगाम लगाने के लिए लगातार छापेमारी कर रहा है, लेकिन शराब तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर इस गोरखधंधे को जारी रखे हुए हैं। दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े शराब माफिया के ठिकाने पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है। इस दौरान मुख्य आरोपी शोभित ठाकुर फरार हो गया, लेकिन उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस अब फरार शराब तस्कर की तलाश में जुटी है।
महिला तस्कर गिरफ्तार, पति भागने में कामयाब
बिरौल थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि निशिहारा गांव के परना टोला में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बेची जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तस्करों के ठिकाने पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए मुख्य आरोपी शोभित ठाकुर मौके से फरार हो गया। हालांकि, उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी को पकड़ लिया गया, जो पति के साथ मिलकर अवैध शराब कारोबार में शामिल थी। गिरफ्तार महिला के घर की तलाशी लेने पर पुलिस को आठ कार्टन विदेशी शराब मिली, जिसे जब्त कर लिया गया। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर उत्पाद विभाग के हवाले कर दिया।
पहले भी कई बार हुई थी छापेमारी, लेकिन नहीं मिल रही थी सफलता
बिरौल थाना क्षेत्र में पुलिस पहले भी कई बार अवैध शराब कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी थी, लेकिन हर बार आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग जाते थे।रविवार की रात पुलिस को कन्फर्म सूचना मिली कि लक्ष्मी देवी अपने घर से शराब बेच रही है। इसके बाद पुलिस ने पूरी योजना बनाकर छापा मारा। पुलिस अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
शराबबंदी के बावजूद बिहार में शराब तस्करी कैसे फल-फूल रही है?
बिहार सरकार ने 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू की, लेकिन इसके बावजूद राज्य में अवैध शराब की तस्करी जोरों पर है। इसकी मुख्य वजह पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी मानी जाती है। जानकारी के अनुसार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और नेपाल से शराब की तस्करी होती है। माफियाओं का संगठित नेटवर्क इस अवैध कारोबार को चला रहा है। कई बार गिरफ्तार तस्कर जमानत पर छूटकर फिर से इस धंधे में लग जाते हैं।