दिनेश कार्तिक ने संजू सैमसन की लोकप्रियता की तुलना कोहली, धोनी और रोहित से की है। कार्तिक के अनुसार, 11 साल के संघर्ष के बाद सैमसन ने अपनी जगह बनाई है। T20 वर्ल्ड कप में उनका चयन एक सोचा-समझा रणनीतिक फैसला था।
मुंबई: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं। पूर्व खिलाड़ी दिनेश कार्तिक ने तो उन्हें एक अलग ही लीग में रख दिया है। कार्तिक का मानना है कि फैंस के बीच लोकप्रियता के मामले में संजू सैमसन अब विराट कोहली, एमएस धोनी और रोहित शर्मा के बराबर पहुंच गए हैं। T20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले कार्तिक ने स्काई स्पोर्ट्स पर यह बात कही।
संजू सैमसन की तारीफ में दिनेश कार्तिक ने पढ़े कसीदे…
दिनेश कार्तिक ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ सुपर 8 के अहम मुकाबले में संजू की शानदार परफॉर्मेंस की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईडन गार्डन्स में 196 रनों का पीछा करते हुए संजू की 50 गेंदों पर 97* रनों की पारी उनके करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक थी।
कार्तिक ने कहा, "संजू सैमसन की कहानी कमाल की है। लोग उन्हें बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। मेरे लिए तो वह भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले क्रिकेटर हैं। कोहली, रोहित और धोनी को जो प्यार मिलता है, वही फैन फॉलोइंग अब संजू की भी है।"
कार्तिक ने आगे बताया कि संजू ने 2015 में 20 साल की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था, लेकिन एक यादगार पारी खेलने और अपनी जगह पक्की करने में उन्हें 11 साल का लंबा संघर्ष करना पड़ा। टीम में लगातार अंदर-बाहर होने की वजह से फैंस का उनके प्रति प्यार और भी बढ़ गया। कार्तिक ने कहा कि उम्मीदों के भारी बोझ के बावजूद संजू ने अपने टैलेंट के दम पर शानदार वापसी की है।
टूर्नामेंट की शुरुआत में संजू प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। ओपनिंग में अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की जोड़ी के फेल होने के बाद संजू के लिए दरवाजे खुले। इस पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने कहा कि संजू को पहले मैच से ही खिलाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि उस वक्त टीम मैनेजमेंट के लिए फॉर्म में चल रहे ईशान किशन को नंबर तीन पर शिफ्ट करना मुश्किल फैसला होता।
कार्तिक ने समझाया कि ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ भारतीय टॉप ऑर्डर की कमजोरी को दूर करने के लिए संजू को टीम में शामिल किया गया था और यह एक सोचा-समझा रणनीतिक फैसला था।


