KKR के खिलाफ 22 वर्षीय मुकुल चौधरी ने 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाकर LSG को अविश्वसनीय जीत दिलाई। साथी खिलाड़ी अर्जुन तेंदुलकर ने पहले ही उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की भविष्यवाणी की थी। कोच ने उनकी तुलना कोहली और धोनी से की है।

कोलकाता: IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को अविश्वसनीय जीत दिलाने वाले मुकुल चौधरी की पारी ने क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया है। हार के कगार से टीम को निकालते हुए 27 गेंदों में नाबाद 54 रन ठोककर लखनऊ को जीत दिलाने वाले इस 22 साल के लड़के ने KKR की नींद उड़ा दी। लेकिन अब लखनऊ कैंप से उनके साथी खिलाड़ी अर्जुन तेंदुलकर की एक भविष्यवाणी वायरल हो रही है।

दरअसल, IPL शुरू होने से पहले ही अर्जुन तेंदुलकर ने मुकुल चौधरी की विस्फोटक बल्लेबाज़ी को लेकर आगाह कर दिया था। शुभांकर मिश्रा के साथ एक इंटरव्यू में अर्जुन ने मुकुल के बारे में जो कहा था, वो अब फिर से चर्चा में है। शुभांकर ने अर्जुन से पूछा था कि अगले दो सालों में लखनऊ टीम का कौन-सा खिलाड़ी बड़ा स्टार बन सकता है? इस पर अर्जुन का जवाब था…

"मुकुल चौधरी गज़ब के छक्के मारता है। लखनऊ के एक प्रैक्टिस मैच में उसकी बैटिंग देखकर मैं हैरान रह गया था। वो मैदान के चारों तरफ (360 डिग्री) शॉट लगा सकता है। स्क्वायर लेग, पॉइंट, अपर कट, यहां तक कि बॉलर के सिर के ऊपर से भी वो छक्के मारता है।" लेकिन अर्जुन की ये चेतावनी कोलकाता ने गंभीरता से नहीं ली, जिसका सबूत ईडन गार्डन्स में देखने को मिला। मुकुल ने कैमरून ग्रीन, कार्तिक त्यागी और वैभव अरोड़ा जैसे गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की।

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कोहली जैसी दौड़, धोनी जैसी फिनिशिंग

लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत और कोच जस्टिन लैंगर के पास मुकुल की तारीफ के लिए शब्द कम पड़ गए। मैच के बाद ऋषभ पंत ने कहा, "मुकुल के इस प्रदर्शन को बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मुकुल ने साबित कर दिया कि अगर हम किसी पर भरोसा करते हैं, तो वो कमाल कर सकता है।"

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कोच जस्टिन लैंगर ने कहा, "मुकुल एक बेहतरीन एथलीट है। वो विकेटों के बीच विराट कोहली की तरह दौड़ता है, लेकिन उसका गेम फिनिश करने का अंदाज़ एम.एस. धोनी की याद दिलाता है। उसकी उम्र भले ही 22 साल है, लेकिन उसमें 300 मैच खेलने वाले खिलाड़ी जैसी समझदारी है।"

कोलकाता के खिलाफ जब आखिरी 4 ओवर में जीत के लिए 54 रन चाहिए थे, तो लखनऊ की हार लगभग तय लग रही थी। लेकिन क्रीज़ पर स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ के तौर पर अकेले मुकुल चौधरी मौजूद थे। फिर जैसा अर्जुन तेंदुलकर ने कहा था, ठीक वैसे ही उन्होंने मैदान के हर कोने में छक्के बरसाए और टीम को जीत की दहलीज़ पार करा दी।