IPL 2026 में मुकुल चौधरी ने 128/7 की स्थिति से लखनऊ को शानदार जीत दिलाई। 21 साल के इस खिलाड़ी ने विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच पलट दिया। राजस्थान के इस युवा खिलाड़ी की संघर्ष और सफलता की कहानी अब काफी चर्चा में है। हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। 

Mukul Choudhary Career: IPL 2026 में गुरुवार 9 अप्रैल की रात लखनऊ सुपर जायंट्स ने एक ऐसा मैच जीता, जो लगभग वो हार चुकी थी। कोलकाता नाइट राइडर्स अपने घरेलू मैदान पर आसान जीत की ओर बढ़ रही थी, तभी मुकुल चौधरी नाम का एक तूफान आया, जो अपने साथ सबकुछ उड़ा ले गया। मुकुल चौधरी के ताबड़तोड़ 7 छक्कों ने कोलकाता को चारों खाने चित कर दिया।

मुकुल चौधरी: आक्रामक बल्लेबाज और विकेटकीपर

27 गेंदों में 200 के स्ट्राइक रेट से नाबाद 54 रन की पारी खेलने वाले मुकुल चौधरी के बारे में अब हर कोई जानने को बेकरार है। मैच खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान हर्ष भोगले ने मुकुल चौधरी से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने क्रिकेट करियर और संघर्ष के बारे में बताया।

संघर्ष की कहानी: पिता के सपने को किया पूरा

मुकुल ने बताया कि उनके पिता की जब शादी भी नहीं हुई थी, तभी से उनका सपना था कि उनका बेटा क्रिकेटर बनेगा। हालांकि, परिवार चाहता था कि बेटा सेना या किसी सरकारी नौकरी की तैयारी करें, लेकिन उनके पिता पर तो बस बेटे को क्रिकेटर बनाने का जुनून सवार था। आज मुकुल ने अपने प्रदर्शन से अपने पिता का सपना पूरा करते हुए उनका नाम रोशन किया।

किराए का घर लेकर बेटे को सिखाया क्रिकेट

मुकुल चौधरी राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गुढ़ा गौड़जी इलाके के रहने वाले हैं। उनके पिता दिलीप चौधरी होटल बिजनेस से जुड़े हैं। झुंझुनूं में बेहतर क्रिकेट ट्रेनिंग की सुविधा नहीं थी, इसलिए उनके पिता 2015 में मुकुल को लेकर सीकर चले गए। वहां किराए का कमरा लेकर उन्होंने बेटे का क्रिकेट एकेडमी में दाखिला कराया। मुकुल पढ़ाई में भी ठीक थे और 10वीं व 12वीं में 75% अंक हासिल किए। हालांकि क्रिकेट प्रैक्टिस के कारण वह स्कूल कम जा पाते थे और पिछले 4 साल से कॉलेज की परीक्षाएं भी नहीं दे पाए हैं।

IPL में पहचान और भविष्य की उम्मीदें

IPL 2026 में इस मैच के बाद मुकुल चौधरी एक उभरते हुए सितारे के रूप में सामने आए हैं। उनकी मैच जिताने वाली पारी ने साबित कर दिया कि वह बड़े मैचों के खिलाड़ी बन सकते हैं। आने वाले समय में उनसे और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। मुकुल चौधरी एक आक्रामक बल्लेबाज होने के साथ-साथ बेहतरीन विकेटकीपर भी हैं। वह राजस्थान की अंडर-17 टीम के कप्तान रह चुके हैं। साल 2023 में अंडर-19 क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने राजस्थान की रणजी टीम में जगह बनाई। इसके बाद 2024 में वह अंडर-23 टीम के कप्तान बने और शानदार प्रदर्शन के दम पर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चयनित हुए।