सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्त अभियान शुरू होगा। अवैध बिक्री, भंडारण और ऑनलाइन सप्लाई पर कार्रवाई होगी। चाइनीज मांझे से मौत को हत्या माना जाएगा।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि चाइनीज मांझे से होने वाली किसी भी मौत को अब साधारण हादसा नहीं बल्कि हत्या जैसी गंभीर घटना माना जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि चाइनीज मांझे के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और परिवहन से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

थोक विक्रेताओं, ऑनलाइन सप्लायर्स और गोदामों की सघन जांच

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में थोक विक्रेताओं, ऑनलाइन सप्लायर्स, ट्रांसपोर्ट चैनल और गोदामों की गहन जांच की जाएगी। अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया है। सरकार का साफ लक्ष्य है कि प्रदेश में चाइनीज मांझे की एक भी रील न बिके और न ही कहीं स्टोर हो पाए।

हर जिले में नोडल अधिकारी, 24×7 मॉनिटरिंग की व्यवस्था

चाइनीज मांझे की रोकथाम के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है, जिसे 24×7 निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया ग्रुप्स और अनौपचारिक डिजिटल चैनलों के जरिए हो रही अवैध बिक्री पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी माध्यम से इसकी आपूर्ति को रोका जा सके।

जन-सहयोग से जुड़ेगा अभियान, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम

सरकार इस अभियान को जन-सहयोग से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को बताया जा सके कि चाइनीज मांझा न केवल प्रतिबंधित है, बल्कि जानलेवा भी है।

बाजारों और पतंग विक्रेताओं को चेतावनी, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

बाजारों और पतंग विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं भी चाइनीज मांझा पाया गया, तो तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में चाइनीज मांझे से कोई घटना होती है, तो केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी जिम्मेदार माना जाएगा।