विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमएसएमई, निवेश, कानून-व्यवस्था, ईवी, सेमीकंडक्टर, खेल विकास और एसआईआर प्रक्रिया पर सरकार का पक्ष रखा। यूपी को ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन मॉडल बताते हुए 2029-30 तक नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश “ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी” का मॉडल बन चुका है। यही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। उन्होंने सरकार की नीतियों, कानून-व्यवस्था, एमएसएमई, निवेश, खेल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, धार्मिक परंपरा और एसआईआर जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात रखी।
यूपी का MSME सेक्टर: 96 लाख यूनिट और 3 करोड़ से अधिक रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं। इनसे 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कृषि के बाद एमएसएमई सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र बन गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय यह क्षेत्र लगभग ठप हो गया था। स्पष्ट विजन, टेक्नोलॉजी की समझ और इच्छाशक्ति का अभाव था। उद्यमियों को “इंस्पेक्टर राज” का सामना करना पड़ता था। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और अन्य विभागों की कार्यवाही से उद्योग प्रभावित होते थे।
वर्तमान सरकार ने 1000 दिनों तक नई एमएसएमई यूनिट को एनओसी से छूट दी है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि आज प्रदेश में लाखों यूनिट सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री ने इसे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की नीति का परिणाम बताया।
कानून-व्यवस्था और रूल ऑफ लॉ: सुरक्षा ही विकास की गारंटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। 25 करोड़ जनता के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण ही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास संभव हुआ है। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और रैपिड रेल जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़े हैं।
मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल और बेहतर कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल का उद्घाटन 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पहले मेरठ से दिल्ली जाने में 3-4 घंटे लगते थे, अब 45 मिनट में दूरी तय होगी। 12 लेन हाईवे और रैपिड रेल से प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों ने समाज में दूरी बढ़ाने का काम किया।
पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यूपी निवेश से वंचित रहता था। आज “फियरलेस गवर्नेंस” और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” इसकी पहचान है। ट्रिपल एस - सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी दी गई है।
राज्य में 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी लागू हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसे प्लेटफॉर्म निवेशकों को सुविधा दे रहे हैं। यूपी अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर राज्यों में शामिल है। डीरिग्युलेशन और डिक्रिमिनलाइजेशन के तहत कई कानूनों में सुधार किए गए हैं।
इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट: 50 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1947 से 2017 तक प्रदेश में 14 हजार कारखाने थे, जबकि पिछले साढ़े आठ वर्षों में 31 हजार से अधिक नए कारखाने जुड़े हैं। 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ योजना हर जिले में रोजगार से जुड़ी स्किल व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। आउटसोर्सिंग में शोषण रोकने के लिए विशेष कॉर्पोरेशन बनाया गया है। युवाओं को 16-20 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। शोषण करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई होगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और ईवी सेक्टर में यूपी की बढ़त
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 65% मोबाइल और 55-60% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट यूपी में बन रहे हैं। उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब यूनिट की स्थापना जल्द होगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में भी यूपी आगे है। देश की पहली ईवी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट यहां शुरू हुई है। राष्ट्रीय बाजार में 19% हिस्सेदारी है और तिपहिया ईवी में 40% भागीदारी यूपी की है। 700 ईवी बसें संचालित हो रही हैं।
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और 2030-2036 की तैयारी
सरकार हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने की योजना बना रही है। 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जा रही है।
शंकराचार्य विवाद और सनातन परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च है। यह कोई सामान्य उपाधि नहीं है। नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। कानून सबके लिए समान है, मुख्यमंत्री भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार पीठों- ज्योतिष पीठ, श्रृंगेरी, जगन्नाथपुरी और द्वारिकापुरी का उल्लेख किया और चार वेदों तथा महावाक्यों की परंपरा को समझाया।
एसआईआर (SIR) और मतदाता सूची सत्यापन पर सरकार का पक्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन सत्यापन (SIR) पूरी तरह पारदर्शी है और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार चल रहा है। फॉर्म 7 के जरिए आपत्ति दर्ज होने पर सत्यापन किया जाता है। एएसडी (एब्सेंट, शिफ्टिंग, डेथ) श्रेणी में 2 करोड़ 88 लाख से अधिक नाम चिन्हित हुए हैं। 46 लाख से अधिक मृतकों, 1.39 करोड़ स्थानांतरित लोगों और 25 लाख डुप्लिकेट नाम सामने आए हैं। सरकार का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है।
माघ मेला और प्रशासनिक सफलता
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान माघ मेला में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए हैं। बेहतर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के कारण आयोजन सफल रहा है।
उत्तर प्रदेश: आधुनिक रामराज्य की दिशा में
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है, किसान सशक्त हैं, महिलाओं में सुरक्षा की भावना है, युवाओं को रोजगार मिल रहा है और गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है। सरकार का लक्ष्य 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाना है। विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।


